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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Nabanna Abhijan Rally: प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज की बौछार; पथराव में एक पुलिसकर्मी घायल

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Tue, 27 Aug 2024 12:40 PM (IST)Updated: Tue, 27 Aug 2024 03:41 PM (IST)

Nabanna March Live Updates कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई अत्याचार के खिलाफ आज (27 अगस्त) छात्र प्रदेश सचिवालय ...और पढ़ें

नबन्ना अभियान को लेकर कोलकाता में पुलिस ने किए कड़े इंतजाम।(फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)
नबन्ना अभियान को लेकर कोलकाता में पुलिस ने किए कड़े इंतजाम।(फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

HighLights

  1. मार्च को रोकने के लिए अभेद किले में तब्दील कोलकाता व हावड़ा
  2. पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की जबरदस्त झड़प
  3. राज्य सचिवालय नवान्न व आसपास 6000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

एजेंसी, कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर (Kolkata Doctor Murder Case) से दरिंदगी की घटना के प्रतिवाद में मंगलवार को छात्र राज्य सचिवालय मार्च (नबन्ना अभियान)  nabanna protest live updates कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल छात्र समाज नामक संगठन के बैनर तले यह अभियान किया जा रहा है। दूसरी तरफ राज्य प्रशासन ने इसे रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा हावड़ा के संतरागाछी में लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया। वहीं, प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की गई है। वहीं, आंसू गैस के गोले भी दागे गए हैं। 

नबन्ना मार्च को रोकने के लिए कोलकाता व हावड़ा को अभेद किले में तब्दील कर दिया गया है। हावड़ा में स्थित राज्य सचिवालय नवान्न व आसपास 6,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए नवान्न आने वाले सभी रास्तों (एंट्री) प्वाइंट्स पर पुलिस ने पहले ही मजबूत बैरिकेड्स लगा दिए हैं।

प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक रही पुलिस 

प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें रोक रही है। पानी की तेज बौछारें पड़ने और पीछे धकेले जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी दोबारा उठकर फिर प्रदर्शन कर रहे हैं। सड़कों पर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात हैं।

 

प्रदर्शनकारियों को लाठी की मदद से भी पुलिस पीछे खदेड़ा रही है। प्रदर्शनकारी ममता सरकार से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। 

नबन्न मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। 

टीएमसी ने विरोध-प्रदर्शन को बताया गुंडागर्दी 

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सयानी घोष ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को गुंडागर्दी बताया है। उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल गुंडों जैसा है। इसमें मुश्किल से ही कोई महिला नजर आ रही है। सिर्फ 4-5 राष्ट्रीय ध्वज हैं। विरोध-प्रदर्शन पिकनिक जैसा है, जिसमें प्रदर्शनकारी पानी की बौछार के नीचे ठंडा स्नान कर रहे हैं।

कोलकाता पुलिस की सेंट्रल डिवीजन की डिप्टी कमिश्नर (डीसी) इंदिरा मुखर्जी ने कहा, "जो भी होगा हम देखेंगे, कोई समस्या नहीं है। हम बाद में (गिरफ्तारी की संख्या) गिनेंगे, पहले हम यहां की चीजें देखेंगे।"

शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगरानी

मंगलवार को नवान्न व आसपास 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती है। आइजी व डीआइजी रैंक के 21 पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा का विशेष जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा एसपी व डीएसपी रैंक के 13 पुलिस अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के 15 अधिकारी को भी तैनात किया गया है। कोलकाता के हावड़ा ब्रिज को सील कर दिया गया है। किसी भी वाहन को आने-जाने की अनुमति नहीं है।

कोलकाता के हेस्टिंग्स में फोर्ट विलियम के पीछे के चेक गेटों पर नागरिक स्वयंसेवकों द्वारा ग्रीस लगाया जा रहा है, ताकि प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स पर चढ़ने से रोका जा सके। आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार-हत्या मामले को लेकर आज नबाना तक मार्च का आह्वान किया गया है।

ड्रोन से भी रखी जा रही है नजर

दूसरी तरफ, इस मार्च को अवैध बताते हुए पुलिस प्रशासन इसे रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सुबह से ही पूरे इलाके में ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है। नवान्न के आसपास बेहद मजबूत सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। आइजी व डीआइजी रैंक के 21 पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा का विशेष जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा एसपी व डीएसपी रैंक के 13 पुलिस अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के 15 अधिकारी को भी तैनात किया गया है।

नबन्ना अभियान के पीछे बड़ी साजिश: टीएमसी 

तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने नवान्न अभियान के पीछे बड़ी साजिश होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे भाजपा है, जो खून की राजनीति कर रही है। माकपा व कांग्रेस भी उसकी मदद कर रही है। कुणाल ने दो वीडियो भी जारी किए, जिसमें कुछ लोग राज्य सचिवालय अभियान के दौरान गोलियां चलाने व लाशें गिराने की बात कर रहे दैनिक जागरण ने इन वीडियो की सत्यता की जांच नहीं की है।

दूसरी तरफ केंद्रीय राज्य मंत्री व बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि ममता सरकार छात्रों के आंदोलन से डर गई है इसलिए उसे दबाने की कोशिश कर रही है। छात्रों के आंदोलन के दौरान अगर कोई बड़ी घटना हुई तो राज्य सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।

बंगाल पुलिस ने क्या कहा है?

बंगाल पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक मनोज कुमार वर्मा ने कहा-'राज्य सचिवालय वाला इलाका संरक्षित क्षेत्र है। किसी भी संगठन की ओर से वहां विरोध जताने के लिए कोई आवेदन भी नहीं किया गया है। हमें खुफिया जानकारी मिली है कि कुछ बदमाश अभियान की आड़ में अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। यह भी खबर है कि बच्चों व महिलाओं को आगे रखकर गड़बड़ी की जा सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि मंगलवार को यूजीसी नेट की परीक्षा है। उसमें भी बाधा डालने की कोशिश हो सकती है। हमारा यही प्रयास होगा कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

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