'बोस जब तक पद पर रहेंगे राजभवन नहीं जाऊंगी, उनके पास बैठने में डर लगता है', राज्यपाल पर ममता बनर्जी का हमला
बता दें कि राजभवन की एक अस्थाई महिला कर्मचारी ने दो मई को कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने उसके साथ छेड़खानी की कोशिश की। छेड़खानी का आरोप लगने के बाद राज्यपाल ने बीते गुरुवार को राजभवन में करीब 100 आम लोगों को राजभवन परिसर से जुड़े दो मई के करीब एक घंटा 19 मिनट के सीसीटीवी फुटेज दिखाए थे।

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने राजभवन की एक महिला कर्मचारी से कथित छेड़खानी के मामले में राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस पर शनिवार को जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि जब तक बोस पद पर बने रहेंगे तक तक मैं राजभवन नहीं जाऊंगी।
हुगली के सप्तग्राम में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने राज्यपाल से इस्तीफे की भी मांग की। ममता ने कहा कि अगर राज्यपाल उन्हें राजभवन बुलाते हैं तो वह कतई नहीं जाएंगी, क्योंकि अब उनके पास बैठने में डर लगता है। सड़क पर बुलाने पर चली जाऊंगी, पर बोस के रहते राजभवन नहीं जाऊंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उनके हाथ राजभवन का एक ऐसा पेन ड्राइव लगा है, जिसमें राज्यपाल का पूरा कुकृत्य है।
ममता ने कहा कि उन्होंने दो मई को कथित घटना के दिन की पूरी फुटेज देखी है और इसकी सामग्री चौंकाने वाली है। ऐसे राज्यपाल को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। ममता ने राजभवन द्वारा आम लोगों को दिखाए गए दो मई के सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि एडिट करके कुछ वीडियो दिखाए गए हैं। जो एडिट किया गया है, वह वीडियो भी मेरे पास है। ममता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्यपाल कहते हैं कि दीदीगिरी (अत्याचार) बर्दाश्त नहीं की जाएगी...लेकिन मैं कहती हूं श्रीमान राज्यपाल, आपकी दादागिरी अब और नहीं चलने वाला है।
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बता दें कि राजभवन की एक अस्थाई महिला कर्मचारी ने दो मई को कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने उसके साथ छेड़खानी की कोशिश की। छेड़खानी का आरोप लगने के बाद राज्यपाल ने बीते गुरुवार को राजभवन में करीब 100 आम लोगों को राजभवन परिसर से जुड़े दो मई के करीब एक घंटा 19 मिनट के सीसीटीवी फुटेज दिखाए थे।
हालांकि, ममता व पुलिस को यह देखने की अनुमति नहीं थी। तृणमूल इस फुटेज को नाटक बता रही है। दूसरी तरफ, राज्यपाल महिला के आरोपों को खारिज करते हुए इसे चुनाव में लाभ लेने के लिए राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। राज्यपाल ने कहा था कि सत्य की जीत होगी।
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