मुख्य मतदाता सूची पर्यवेक्षक पर हमले को लेकर चुनाव आयोग सख्त, डीजीपी से मांगी रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मुख्य मतदाता सूची पर्यवेक्षक सी. मुरुगन पर हुए हमले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने डीजीपी राजीव कुमार से 72 घंटे के भीत ...और पढ़ें

30-35 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज की गई है
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। चुनाव आयोग ने बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के लिए नियुक्त किए गए मुख्य मतदाता सूची पर्यवेक्षक सी मुरुगन पर हमले की घटना को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार से 72 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
डीजीपी को मंगलवार शाम पांच बजे तक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में 30-35 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज की गई है। खबर लिखे जाने तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
गाड़ी में भी हुई थी तोड़फोड़
मालूम हो कि मुरुगन पर पिछले साल 29 दिसंबर को दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट में लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया था। उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई थी। हमला करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं। चुनाव आयोग ने डीजीपी से कई सवाल किए हैं, जैसे- मुख्य मतदाता सूची पर्यवेक्षक के दौरे की स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए जाने के बावजूद उनकी सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
पुलिस की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है? मालूम हो कि मुरुगन एसआइआर की सुनवाई प्रक्रिया का निरीक्षण करने मगराहाट गए थे। उसी समय उनकी कार पर हमला किया। इस घटना के कुछ दिन पहले इसी इलाके में कुछ लोगों ने उनका घेराव किया था। इसके बाद भी उनकी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं थी।
भाजपा विधायक व बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि वारदात के पीछे राज्य में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लोगों का हाथ है। यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तानाशाही में राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति को दर्शाता है। चुनाव आयोग का घटना पर रिपोर्ट मांगना डीजीपी के गाल पर तमाचा है।

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