Durga Puja 2023: लैंडर विक्रम पर विराजमान होगी देवी की प्रतिमा, दुर्गा पूजा पंडाल में दिखेगी चंद्रयान-3 की झलक
चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3) की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग का जश्न देशवासियों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। हालांकि अब चंद्रयान-3 की सफलता को देखते हुए इस बार दुर्गा पूजा पंडालों में इसकी झलक दिखाई देगी। कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 को दर्शाया जाएगा। इस पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा को चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम पर विराजमान दिखाया जाएगा।

कोलकाता, पीटीआई। Durga Puja 2023: चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3) की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग का जश्न देशवासियों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। हालांकि, अब चंद्रयान-3 की सफलता को देखते हुए इस बार दुर्गा पूजा पंडालों में इसकी झलक दिखाई देगी।
पश्चिम बंगाल में धूमधाम के साथ मनाई जाती है दुर्गा पूजा
दरअसल, पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दुर्गा पूजा के लिए बनाए गए पंडालों पर भारी खर्च भी किया जाता है। ऐसे में इस बार दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 का क्रेज देखने को मिलेगा। कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 को दर्शाया जाएगा। इस पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा को चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम पर विराजमान दिखाया जाएगा। इसके अलावा पंडाल में प्रज्ञान रोवर के भी एक मॉडल को प्रदर्शित किया जाएगा।
क्या बोले नेताजी स्पोर्टिंग क्लब के सदस्य
नेताजी स्पोर्टिंग क्लब के सदस्य अनिर्बान रॉय ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि हर साल की इस साल भी दुर्गा पूजा को भव्य तरीके से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम इसरो के सभी वैज्ञानिकों की मेहनत को सलाम करना चाहते हैं। इसलिए हर देशवासी को उनकी उपलब्धि पर गर्व है। इसके चलते इस बार दुर्गा पूजा पंडाल को चंद्रयान-3 का रूप दिया जाएगा।
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दुर्गा पूजा पंडाल में देख सकेंगे लैंडर विक्रम
बताते चलें कि पूजा समिति ने दुर्गा पूजा पंडाल के लिए थीम का नाम 'चंद्रलोक-ए उमा' यानी चंद्रमा पर मां दुर्गा रखा है। अनिर्बान रॉय ने बताया कि थीम को सभी सदस्यों ने मिलकर डिजाइन किया है। पंडाल में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले नजर रॉकेट पर पड़ेगी। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा तक पहुंचने के लिए एक सुरंग बनाई जाएगी और फिर जाकर मां के दर्शन हो पाएंगे। रॉय ने कहा कि लोगों को यह अहसास होगा कि वे चंद्रमा की सतह पर हैं और लैंडर विक्रम को देख रहे हैं।
भारत ने रचा इतिहास
बता दें कि भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने 23 अगस्त को इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की थी। भारत इस सफलता को हासिल करने वाला चौथा देश बन गया है। इससे पहले अमेरिका, सोवियत संघ (रूस) और चीन ने ये मुकाम हासिल किया था। हालांकि, इन देशों ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अबतक कोई लैंडिंग नहीं की है।
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