Firecrackers Ban: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पटाखों पर लगे प्रतिबंध में हस्तक्षेप करने से किया इनकार
दिल्ली सरकार पिछले तीन वर्षों से सभी प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की प्रथा का पालन कर रही है। पिछले साल सरकार ने घोषणा की थी कि शहर में दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर छह महीने तक की जेल और 200 रुपये का जुर्माना लगेगा। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध की आलोचना की है।

नई दिल्ली, पीटीआई। उच्चतम न्यायालय ने राजधानी दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर व्यापक प्रतिबंध लगाने के दिल्ली सरकार के आदेश में हस्तक्षेप करने से बुधवार को इनकार कर दिया।
भाजपा के लोकसभा सांसद मनोज तिवारी ने न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ को बताया कि अदालत द्वारा हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति देने के बावजूद पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
लोगों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण: SC
पीठ ने वकील से कहा कि "नहीं, हम हस्तक्षेप नहीं करने जा रहे हैं। जहां सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है, इसका मतलब पूर्ण प्रतिबंध है। लोगों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। यदि आप पटाखे फोड़ना चाहते हैं, तो उन राज्यों में जाएं जहां कोई प्रतिबंध नहीं है।
वकील ने कहा कि सांसद होने के नाते उनका मुवक्किल अपने मतदाताओं के प्रति जिम्मेदार है और अदालत ने खुद ही हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति दी है।
सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार के फैसले आलोचना की
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध की आलोचना करते हुए कहा कि हरित पटाखों को अदालत की मंजूरी के बावजूद ऐसा किया गया है।
BJP MP Manoj Tiwari assails complete ban on firecrackers in Delhi, says it has been done despite court's nod to green crackers
— Press Trust of India (@PTI_News) September 13, 2023
पीठ ने उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी से कहा, "आपको लोगों को समझाना चाहिए कि उन्हें पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए। यहां तक कि आपको चुनाव के बाद विजय जुलूस के दौरान भी पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए। जीत का जश्न मनाने के और भी तरीके हैं।"
11 सितंबर को उच्च प्रदूषण स्तर से निपटने के लिए, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर व्यापक प्रतिबंध की घोषणा की। व्यापक निर्देश जिसमें पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध शामिल है, त्योहारी सीजन से पहले आया है। पिछले दो वर्षों के दौरान इसी तरह का पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था।
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