Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    West Bengal: विद्यासागर यूनिवर्सिटी में बवाल, इतिहास के क्वेच्शन पेपर में स्वतंत्रता सेनानियों को बताया आतंकी; अब हुआ एक्शन

    Updated: Thu, 10 Jul 2025 06:19 PM (IST)

    पश्चिम बंगाल के विद्यासागर विश्वविद्यालय में इतिहास के पेपर में स्वतंत्रता सेनानियों को आतंकी कहे जाने पर विवाद हो गया है। प्रश्नपत्र में ब्रिटिश काल ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    बंगाल के विद्यासागर विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता सेनानियों को बताया गया आतंकी।(फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के विद्यासागर विश्वविद्यालय (विवि) में स्नातक स्तर की परीक्षा के इतिहास के प्रश्नपत्र में स्वतंत्रता सेनानियों को 'आतंकी' कहे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्न के तौर पर ब्रिटिश जमाने के मेदिनीपुर के उन तीन जिलाधिकारियों के नाम बताने को कहा गया है, जिनकी आतंकियों ने हत्या की थी।

    शिक्षाविदों के एक वर्ग ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बार्ज, पेडी व डगलस ब्रिटिश जमाने के अत्याचारी जिलाधिकारी थे, जिन्हें बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों ने मारा था। उन्हें आतंकी कहना अनुचित है।

    भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होगी: कुलपति 

    दूसरी तरफ विवि प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए दो अध्यापकों को हटा दिया है। विवि के कुलपति दीपक कुमार कर ने कहा-'गलत अनुवाद के कारण ऐसा हुआ है। हम इसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।

    मालूम हो कि बार्ज की अनाथबंधु पांजा, मृगेंद्रनाथ दत्त, रामकृष्ण राय, निर्मल जीवन घोष व ब्रजकिशोर चक्रवर्ती, पेडी की बिमल दासगुप्ता व ज्योति जीवन घोष और डगलस की प्रभांग्शु शेखर पाल व प्रद्योत कुमार भट्टाचार्य ने हत्या की थी। प्रद्योत, रामकृष्ण, निर्मल जीवन व ब्रजकिशोर को फांसी की सजा हुई थी।

    बिमल, ज्योति जीवन व प्रभांग्शु को कारावास की सजा सुनाई गई थी जबकि अनाथबंधु पुलिस के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में बुरी तरह घायल हुए उनके साथी मृगेंद्रनाथ की भी अगले दिन चिकित्सा के दौरान मृत्यु हो गई थी। शिक्षकों के संगठन शिक्षानुरागी ऐक्य मंच के सचिव किंकर अधिकारी ने कहा कि यह एक अवांछित घटना है। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।