'डरी हुई हैं मुर्शिदाबाद की महिलाएं', NCW अध्यक्ष ने हिंसा पीड़ितों से की मुलाकात; राज्यपाल बोले- बर्दाश्त नहीं करेंगे हिंसा
मुर्शिदाबाद और मालदा में सांप्रदायिक हिंसा के बाद एनएचआरसी और एनसीडब्ल्यू ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की निंदा की। राज्यपाल बोस ने हिंसा और भ्रष्टाचार को खत्म करने का संकल्प लिया। विहिप ने राष्ट्रपति शासन की मांग की जबकि टीएमसी ने भाजपा पर दंगा भड़काने का आरोप लगाया। केंद्रीय बलों की तैनाती से स्थिति में सुधार हुआ।

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। चार सदस्यीय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और तीन सदस्यीय राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की टीम ने शुक्रवार को मालदा के वैष्णवनगर स्थित पार लालपुर स्कूल का दौरा किया और विस्थापित लोगों से बात की।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने जिले के धुलियान के मंदिरपारड़ा और शमशेरगंज में सांप्रदायिक अशांति के दौरान कई महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ के संबंध में पीड़िताओं से बात की। राहटकर ने कहा कि मुर्शिदाबाद में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार किए गए हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। महिलाएं डरी हुई हैं।
रहाटकर ने कहा कि हिंसा के कारण सैकड़ों महिलाएं अपना घर छोडऩे को मजबूर हो गईं। एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने मुर्शिदाबाद एवं मालदा के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।
महिला आयोग की प्रतिनिधियों ने शमशेरगंज के जाफराबाद में हिंसा में मारे गए हरगोविंद दास और चंदन दास के परिजनों से भी मुलाकात की। इसके अलावा हाई कोर्ट के निर्देश पर हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास की सुविधा के लिए गठित समिति के सदस्यों ने हिंसा पीड़ितों से बात की। समिति में एनएचआरसी, पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग और राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के सदस्य शामिल हैं।
हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: राज्यपाल
बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी शुक्रवार को मालदा के वैष्णवनगर स्थित पार लालपुर स्कूल का दौरा किया व मुर्शिदाबाद हिंसा के पीडि़त शरणार्थियों से बात की। पीडि़तों से मुलाकात के बाद राज्यपाल ने कहा कि बंगाल की में दो बड़ी समस्याएं पनप रही हैं, हिंसा और भ्रष्टाचार, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इन समस्याओं की जड़ तक पहुंचकर इन्हें खत्म करना होगा।
राज्यपाल बोस ने कहा कि वह पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और राज्य सरकार और केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि हम शांति और सामान्य स्थिति को स्थापित करने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। राज्यपाल ने कहा कि केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद से शिकायतों में काफी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि वे राहत कार्य में तेजी लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठन रेड क्रास से समर्थन का अनुरोध किया है। राज्यपाल शनिवार को मुर्शिदाबाद के हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे।
विहिप प्रमुख ने बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग की
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद में हुई हालिया सांप्रदायिक हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया व राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। उन्होंने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि विहिप कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करेंगे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग करेंगे।
शाह ने दंगा कराने की साजिश रची: टीएमसी सांसद
तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद हिंसा के संबंध गंभीर आरोप लगाते हुए कि भाजपा व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दंगा कराने की साजिश रची। गृह मंत्री उचित कदम उठाने के बजाय राजनीति कर रहे हैं।
दूसरी तरफ मुर्शिदाबाद के बहरमपुर के टीएमसी सांसद यूसुफ पठान की अनुपस्थिति पर विपक्ष द्वारा आलोचना के बीच टीएमसी के स्थानीय नेताओं ने कहा कि उन्होंने पठान से जल्द ही जिले का दौरा करने का आग्रह किया है।
बता दें कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ 11 और 12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के सुती, धुलियान और जंगीपुर सहित अन्य इलाकों में हिंसा भडक़ उठी थी। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
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