ED अधिकारियों पर हमले का मामला राज्य पुलिस से CBI को ट्रांसफर करने की याचिका पर सुनवाई, कलकत्ता HC ने आदेश रखा सुरक्षित
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय की अधिकारियों पर हमले के मामले में जांच पश्चिम बंगाल पुलिस से सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग वाले आदेश को सुरक्षित रखा है। शेख की गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच बशीरहाट पुलिस से लेकर सीआईडी को सौंप दी थी। सॉलिसिटर राजू ने दावा किया कि ऐसा शेख की सीबीआई हिरासत से इनकार करने के लिए किया गया।

पीटीआई, कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय की अधिकारियों पर हमले के मामले में जांच पश्चिम बंगाल पुलिस से सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग वाले आदेश को सुरक्षित रखा है।
दरअसल, शाहजहां शेख के परिसर पर छापेमारी करने पहुंची टीम पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष ईडी, राज्य और सीबीआई की दलीलों के बाद सुनवाई समाप्त हुई।
शेख पर पहले से दर्ज हैं कई केस
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि राज्य पुलिस पक्षपाती है। उन्होंने कहा कि जब हमारे अधिकारियों पर हमला किया गया तो, हमने लगभग 1000 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया। जबकि शेख पर पिछले कई सालों में 40 से अधिक केस दर्ज हैं, जिनके खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं हुई।
राज्य पुलिस से सीआईडी को ट्रांसफर हुआ केस
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शेख की गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच बशीरहाट पुलिस से लेकर सीआईडी को सौंप दी थी। सॉलिसिटर राजू ने दावा किया कि ऐसा शेख की सीबीआई हिरासत से इनकार करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि भले ही जांच उसे स्थानांतरित कर दी गई हो, क्योंकि किसी आरोपी की अधिकतम पुलिस हिरासत अवधि 14 दिन है।
जांच ट्रांसफर होने का जताया विरोध
राज्य की ओर से पेश महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने जांच स्थानांतरित करने की प्रार्थना का विरोध करते हुए दावा किया कि यह राज्य पुलिस ही थी, जिसने ईडी अधिकारियों को बचाया और उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली से उनके लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने में कामयाब रही। सीबीआई के वकील ने कहा कि अगर अदालत निर्देश देगी, तो एजेंसी जांच करने को तैयार है।
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