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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

BSF ने सुंदरवन में 70 हजार किलो बर्मीज सुपारी की बड़ी खेप के साथ 27 बांग्लादेशी तस्करों को पकड़ा, करोड़ों की है कीमत

By Jagran News Edited By: Abhinav Atrey
Published: Wed, 31 Jan 2024 09:22 PM (IST)

बीएसएफ के दक्षिण बंगाल सीमांत के जवानों ने दक्षिण 24 परगना जिले में भारत- बांग्लादेश से लगे सुंदरवन इलाके में ...और पढ़ें

बांग्लादेश से भारत में तस्करी के बड़े प्रयास को जवानों ने किया विफल (फोटो, बीएसएफ)
बांग्लादेश से भारत में तस्करी के बड़े प्रयास को जवानों ने किया विफल (फोटो, बीएसएफ)

HighLights

  1. बांग्लादेश से भारत में तस्करी के बड़े प्रयास को जवानों ने किया विफल
  2. जब्त सुपारी की कीमत 3.2 करोड़ रुपये से अधिक
  3. बांग्लादेशी टॉलरों से कुल 1152 बोरियां सुपारी बरामद

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल सीमांत के जवानों ने दक्षिण 24 परगना जिले में भारत- बांग्लादेश से लगे सुंदरवन इलाके में बड़ी सफलता हासिल करते हुए तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर 70,320 किलोग्राम बर्मीज सुपारी की एक बड़ी खेप जब्त की है। एक बड़े सुपारी तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ कर सुपारी के साथ 27 बांग्लादेशी तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।

बीएसएफ ने बुधवार को एक बयान में बताया कि जब्त सुपारी की अनुमानित कीमत तीन करोड़ 20 लाख रुपये है। बीएसएफ के जनसंपर्क अधिकारी व डीआईजी एके आर्य ने बताया कि यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब तस्कर सुंदरवन क्षेत्र से समुद्री मार्ग से दो ट्रॉलरों (मालवाहक जहाज) के माध्यम से बांग्लादेश से भारत में सुपारी की तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे।

बांग्लादेशी टॉलरों से कुल 1152 बोरियां सुपारी बरामद

जब्त दोनों बांग्लादेशी टॉलरों से कुल 1152 बोरियां सुपारी बरामद की गई। एक खुफिया सूचना के आधार पर बीएसएफ की 118वीं वाहिनी की सीमा चौकी समशेरनगर के जवानों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आर्य ने बताया जवानों को बीएसएफ के खुफिया विभाग से बांग्लादेशी ट्रॉलरों की अवैध आवाजाही के बारे में जानकारी मिलते ही सुंदरवन के संदिग्ध क्षेत्र में आपरेशन के लिए एक विशेष पार्टी बनाई गई।

पैट्रोलिंग के दौरान देखी गई ट्रॉलरों की आवाजाही

उन्होंने बताया कि 28 जनवरी की शाम तीन-स्पीड बोट के साथ टी जंक्शन से एस्टुअरी प्वाइंट की ओर पैट्रोलिंग के दौरान दो ट्रॉलरों की आवाजाही देखी गई। सर्चिंग पार्टी ने पीछा किया और दोनों बांग्लादेशी ट्रॉलरों को रोका, जिनके नाम एफबी अल्लाहर डॉन 271 और एफबी अल्लाहर डॉन 272 है।

ट्रॉलर पर 27 बांग्लादेशी नागरिक सवार थे

दोनों ट्रॉलर अवैध रूप से न्यू मूर द्वीप के पास भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। ट्रॉलर पर 27 बांग्लादेशी नागरिक सवार थे। बांग्लादेशी नागरिकों के समूह ने सुपारी व अपने संबंध में वैध दस्तावेज दिखाने में विफल रहे। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।

बांग्लादेशी तस्कर ने दी थी सुपारी

तस्करों से पूछताछ के दौरान एमडी अब्दुल्ला शेख ने खुलासा किया कि वह ट्रॉलर चालक के रूप में काम करता है और 27 जनवरी को एक बांग्लादेशी तस्कर ने उससे संपर्क कर उसे बांग्लादेश से 600 बोरी सुपारी ले जाने के लिए कहा। ट्रॉलर पर 13 बांग्लादेशी मजदूर मुहैया कराए गए। 20,000 बांग्लादेशी टका के बदले यह काम करने के लिए वह तैयार हो गया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि वह यह काम पहली बार कर रहा था। इसी तरह दूसरे ट्रॉलर के चालक एमडी अब्दुल मालेक गाज़ी ने खुलासा किया कि एक बांग्लादेशी तस्कर ने मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर उसे बांग्लादेश से भारत में 552 बोरी सुपारी ले जाने के लिए कहा। उसे 12 मजदूर मुहैया कराए गए।

झरखली में सुपारी उतारने की थी योजना

उन्होंने खुलासा किया कि भारतीय तस्करों को सौंपने के लिए दक्षिण 24 परगना के झरखली फेरी घाट पर सुपारी की खेप को उतारने की योजना थी। बीएसएफ ने जब्त सुपारी के साथ गिरफ्तार तस्करों को आगे की कार्यवाही के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया है।

जवानों की चौकसी से तस्करों के मंसूबे हो रहे नाकाम

इधर, बीएसएफ डीआईजी आर्य ने जवानों की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि सुंदरवन सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है और यह इलाका काफी जोखिम भरा है क्योंकि मैंग्रोव वनों व दलदलों से भरा है। जमीनी सीमा पर बीएसएफ जवानों की सतर्कता और चौकसी बढ़ने के कारण तस्कर समुद्री मार्ग अपनाने को मजबूर हो गए हैं, लेकिन दुर्गम सुंदरवन में तैनात बीएसएफ के जवान लगातार गश्त और उपस्थिति के जरिए इस क्षेत्र में पूरी तरह हावी हैं, जिससे तस्करों के मंसूबे नाकाम हो रहे हैं।

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