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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बंगाल में रेलवे स्टेशन के पास घायल अवस्था में मिला था नेपाली व्यक्ति, रेडियो क्लब ने वापस परिवार से मिलाया

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Tue, 08 Aug 2023 11:36 PM (GMT+05:30)

पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब ने एक नेपाली व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाने में मदद की। यह व्यक्ति बंगाल के ...और पढ़ें

पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब ने नेपाली व्यक्ति को परिवार से मिलाया
पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब ने नेपाली व्यक्ति को परिवार से मिलाया

HighLights

  1. पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब ने नेपाली व्यक्ति को परिवार से मिलाया
  2. बंगाल में रेलवे स्टेशन के पास घायल अवस्था में मिला था नेपाली व्यक्ति
  3. रेडियो क्लब ने मंगलवार को नेपाली व्यक्ति को परिवार से मिलाया

कोलकाता, एजेंसी। एक 30 वर्षीय नेपाली व्यक्ति, जो एक सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल में एक रेलवे स्टेशन के पास घायल पाया गया था, एक रेडियो क्लब के प्रयासों की बदौलत मंगलवार को अपने परिवार से मिल गया। उस व्यक्ति का नाम कमल बीके है। वह उस अच्छे व्यक्ति को अपनी पहचान नहीं बता सका, जो उसे पहले अस्पताल ले गया और बाद में उसके घर ले गया। वह केवल यही जानकारी दे सका कि वह पड़ोसी देश से है।

रेडिया क्लब ने उठाया मामला

रेडियो क्लब ने मामला उठाया और नेपाल में इसी तरह के एक अन्य संगठन के साथ बागलुंग जिले के जैमिनी नगर पालिका के वार्ड नंबर पांच में कमल के घर की खोज की। उस व्यक्ति को मंगलवार को आधिकारिक तौर पर उसके देश के अधिकारियों को सौंप दिया गया।

पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब के संस्थापक अंबरीश नाग विश्वास ने कहा, "हमें खुशी है कि वह आखिरकार घर जा रहे हैं।"

दो अगस्त का मामला

दक्षिण 24 परगना जिले के बेदबेरिया स्टेशन के पास नकली आभूषणों की एक छोटी सी दुकान चलाने वाले रूनू हवलदार ने दो अगस्त को आउटलेट के सामने एक घायल व्यक्ति को देखा। हवलदार ने कहा, 

घायल व्यक्ति का खून बह रहा था। वह कुछ भी नहीं कह पा रहा था। मैंने उसे अस्पताल ले जाने का फैसला किया और बाद में उसे अपने घर ले गया, क्योंकि उसके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं थी। फिर मैंने HAM रेडियो के अंबरीश नाग बिस्वास से संपर्क किया।

शौकिया रेडियो क्लब के सदस्यों ने नेपाल में उस व्यक्ति के परिवार का पता लगाया। नेपाल वाणिज्य दूतावास को भी सूचित किया गया, जिसके बाद कमल को घर वापस भेजने की तैयारी शुरू हुई। 

नेपाल के महावाणिज्य दूत ने क्या कहा?

नेपाल के महावाणिज्य दूत एशोर राज पौडेल ने पीटीआई को फोन पर बताया कि उन्हें जानकारी मिलने के बाद सत्यापन प्रक्रिया शुरू हो गई है। पौडेल ने कहा,

कमल बीके के परिवार से बात करने और उनके वार्ड पार्षद से एक पत्र मिलने के बाद, हमने उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की। उन्हें यहां नेपाली समुदाय से एक स्वयंसेवक मिला, जो उनके साथ घर आया।  वाणिज्य दूतावास ने सभी औपचारिकताओं का ध्यान रखा - टिकट प्राप्त करना और उसके भोजन की व्यवस्था करना। सोमवार को, वे रक्सौल के लिए रवाना हो गए हैं, जहां से वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करेंगे। कमल का भाई उसे लेने के लिए सीमा पर था।

हवलदार ने उस व्यक्ति का पता ढूंढने के लिए रेडियो क्लब को धन्यवाद दिया। इन रेडियो क्लबों ने कई वर्षों से विभिन्न स्थानों पर खोए हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाया है। नाग विश्वास ने कहा, 

हमारे रेडियो क्लब में पश्चिम बंगाल के बाहर और भारत के बाहर भी सदस्य हैं। उन जगहों पर जहां हमारे सदस्य नहीं हैं, हम लोगों की मदद के लिए अन्य HAM रेडियो ऑपरेटरों की मदद लेते हैं। इस तरह हम नेपाल के व्यक्ति के परिवार से संपर्क में आये।

लड़की को उसके परिवार से मिलाने में की मदद

HAM रेडियो के सदस्यों ने पुलिस के साथ मिलकर हाल ही में पश्चिम बंगाल की एक लड़की को उसे उसके परिवार से मिलाने में मदद की, जो एक दशक पहले सुदूर कश्मीर में खो गई थी। रेडियो क्लब ने एक बुजुर्ग महिला को 17 साल बाद उसकी बेटी से मिलाने में भी मदद की।

बिहार के कटिहार की महिला अपने बच्चों के साथ एक स्थानीय मेले में गई थी और फेरिस व्हील पर सवारी करने के बाद वह अपनी बेटी को नहीं देख पाई। यह सोचकर कि उसने उन्हें खो दिया है, महिला घर नहीं लौटी और किसी तरह कोलकाता आ गई।

पुलिस ने उसे कोविड-19 अवधि के दौरान शहर में घूमते हुए पाया और उसे एक मिशनरी द्वारा संचालित गृह में भेज दिया गया। HAM रेडियो के सदस्यों ने फिर उसकी बेटी को ट्रैक किया और उन्हें फिर से मिलाया।