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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Waqf Bill को लेकर भड़कीं सीएम ममता बनर्जी, कहा- 'राज्यों से नहीं की गई चर्चा'

Published: Thu, 28 Nov 2024 01:27 PM (IST)Updated: Thu, 28 Nov 2024 01:30 PM (IST)

Waqf Bill 2024 वक्फ बिल को लेकर घमासान मचा हुआ है। पश्चिम बंगाल विधानसभा सत्र के दौरान सीएम बनर्जी ने ...और पढ़ें

वक्फ विधेयक को लेकर विधानसभा सत्र में भड़कीं ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
वक्फ विधेयक को लेकर विधानसभा सत्र में भड़कीं ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. वक्फ बिल को लेकर भड़कीं ममता बनर्जी
  2. ममता ने वक्फ बिल को बताया संघ विरोधी विधेयक

एएनआई, कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। Waqf Bill 2024: संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच करने तथा अधिक हितधारकों से परामर्श करने के लिए समय बढ़ाने की मांग के बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में इसे "संघ-विरोधी विधेयक" करार दिया।

सीएम ममता ने वक्फ बिल को बताया संघीय विधेयक

पश्चिम बंगाल विधानसभा सत्र के दौरान सीएम बनर्जी ने कहा, वक्फ बिल के बारे में हमारे (राज्य सरकारों) साथ कोई चर्चा नहीं हुई। ये बिल वक्फ संपत्तियों को नष्ट कर देगा। उन्होंने ऐसा विधेयक क्यों प्रस्तावित किया है जो पूरी तरह से एक विशेष धर्म के खिलाफ है। यह एक संघीय विधेयक है।

इस बीच, दिल्ली में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी जेपीसी की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों के कई हितधारकों से परामर्श नहीं किया गया है।

किसी भी राज्य से नहीं ली गई जानकारी- बनर्जी

सिंह ने कहा, जेपीसी का दौरा बिना कोरम के पूरा हो गया। यह पूरी तरह से शिष्टाचार और संसदीय परंपराओं के खिलाफ था, इसलिए दौरा बीच में ही रद्द कर दिया गया। बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल इतने बड़े राज्य हैं कि हम वहां नहीं गए।

उन्होंने कहा, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे किसी भी राज्य से कोई जानकारी नहीं ली गई। कहा गया था कि दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि को बुलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

आप सांसद ने कहा कि संसद को व्यापक चर्चा के लिए जेपीसी की समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव पारित करना चाहिए।

वक्फ बिल पर होनी चाहिए चर्चा- संजय सिंह

संजय सिंह ने कहा, सदन ने इस विधेयक को चर्चा के लिए जेपीसी को भेजा है, इसलिए इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए, चर्चा पूरी नहीं हुई है और आप कह रहे हैं कि हम मसौदा पेश करेंगे। इसलिए मुझे लगता है कि समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव आज सदन में पारित होना चाहिए और इसकी समय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए।

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने जेपीसी द्वारा समयसीमा बढ़ाने तथा अधिक हितधारकों से परामर्श करने की मांग का स्वागत करते हुए कहा कि यदि जल्दबाजी में विधेयक लाया गया तो वह "अधूरा विधेयक" होगा।

उन्होंने गुरुवार को एएनआई से कहा, वक्फ बिल पर जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाना सही है क्योंकि रिपोर्ट इतनी जल्दी नहीं सौंपी जा सकती। अगर कोई कानून जल्दबाजी में लाया जाता है तो वह अधूरा रह जाएगा और उसमें और संशोधन करने होंगे।

जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बुधवार को कहा कि वह वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की जांच कर रहे पैनल का कार्यकाल बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव पेश करेंगे।

जगदम्बिका पाल ने कहा कि विपक्षी सदस्यों को अपनी मांगों को लेकर समिति की कार्यवाही का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। विपक्षी सदस्य अधिक हितधारकों की बात सुनने के लिए संयुक्त समिति के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

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