यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लाभार्थी बनकर हाउस फार ऑल योजना के तहत लिया पैसा, फिर मकान बनाकर मोटी रकम में बेचा
बंगाल के बांकुड़ा जिले में सरकारी योजना के तहत निर्मित एक मकान को मोटी रकम में बेचने का मामला सामने ...और पढ़ें

कोलकाता, राज्य ब्यूरो: बंगाल के बांकुड़ा जिले में सरकारी योजना के तहत निर्मित एक मकान को मोटी रकम में बेचने का मामला सामने आया है। बांकुड़ा नगरपालिका ने मामले की जांच शुरू की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगरपालिका के एक नंबर वार्ड के निवासी वीरेन लोह ने सरकारी योजना 'हाउस फार आल' के तहत मिले फंड से तैयार किए गए मकान को पिछले साल संदीप दास नामक एक व्यक्ति को मोटी रकम में बेच दिया था।
योजना की जानकारी नहीं होने की कही बात
पूछताछ में लाभार्थी वीरेन ने मकान बेचने की बात को स्वीकार किया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें पहले से पता होता कि सरकारी योजना के तहत निर्मित मकान की बिक्री नहीं की जा सकती तो वे इसका लाभ ही नहीं लेते। उन्होंने सरकार से मिले फंड से अपनी जमीन पर मकान का निर्माण करवाया था और बात में उसे मोटी रकम में किसी को ओर बेच दिया था।
पड़ोसियों से विवाद में बेचा मकान
वीरेन ने बताया कि उनकी पड़ोसियों के साथ नहीं पटती थी। वहां रहने से जान को खतरा था इसलिए नौ लाख रुपये में मकान बेचकर वे दूसरी जगह पर रह रहे हैं। वहीं, मकान खरीदने वाले संदीप दास ने कहा कि संपत्ति से संबंधित सभी कागजातों में नाम परिवर्तन हो चुका है। अगर इस तरह के मकान की बिक्री का नियम नहीं है तो सरकार को बिक्री के समय ही इसे रोक देना चाहिए था।
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बता दें कि बंगाल में प्रधानमंत्री आवास योजना में भी फर्जीवाड़ा की खबरें आई थी. तृणमूल के नेता प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची में अपने लोगों का नाम शामिल करवाने के लिए आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर दबाव डाल रहे हैं। वहीं, जहांगीर शेख नामक तृणमूल नेता का केशवपुर गांव में अपना चार मंजिला मकान होने के बावजूद उनके परिवार के चार सदस्यों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभर्थियों की सूची में पाया गया है।
