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    अधीर रंजन बोले, भारतीय राजनीति में राहुल गांधी जैसे नेता बिरले ही होते हैं

    By Sachin MishraEdited By:
    Updated: Wed, 09 Oct 2019 07:28 PM (IST)

    Adhir Ranjan. अधीर रंजन चौधरी ने राहुल को लेकर कहा है कि वर्तमान राजनीति में हार की नैतिक जिम्मेवारी लेने वाले उनके जैसे नेता कम ही देखने को मिलते हैं ...और पढ़ें

    अधीर रंजन बोले, भारतीय राजनीति में राहुल गांधी जैसे नेता बिरले ही होते हैं

    जागरण संवाददाता, कोलकाता। राज्य और केंद्रीय स्तर पर कांग्रेस के कई नेताओं ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद राहुल गांधी की पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की आलोचना की थी। अब जबकि सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं, गौर करने वाली बात यह है कि कांग्रेस की स्थिति दिन प्रतिदिन और खराब होती जा रही है। इस बीच, लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने राहुल को लेकर कहा है कि वर्तमान राजनीति में हार की नैतिक जिम्मेवारी लेने वाले उनके जैसे नेता कम ही देखने को मिलते हैं। अधीर का यह भी कहना है कि अच्छा होता, अगर वे दोबारा अध्यक्ष पद पर वापस आते हैं।

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    बुधवार को दिए बयान में अधीर ने कहा, हां, मैंने राहुल को लेकर कई नेताओं का बयान सुना है, मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि अच्छा होता अगर राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष के रूप में वापस आते। लेकिन साथ ही, हमें नैतिक जवाबदेही के उदाहरण की भी सराहना करनी चाहिए जो उन्होंने सभी के लिए निर्धारित किया है। बंगाल से पांच बार बतौर कांग्रेस सांसद अधीर ने आगे कहा कि हमें राहुल गांधी से सीखना चाहिए। हम सभी राहुल जी को वापस अध्यक्ष देखना पसंद करेंगे। अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना राहुल गांधी का निर्णय था और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।

    लगे हाथ अधीर ने सवाल किया कि क्या कभी आपने देखा है कि किसी पार्टी के नेता ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया हो? ऐसा कोई उदाहरण हमारे सामने नहीं है। राहुल गांधी ने अपने इस कदम से संदेश दिया है कि नेताओं को भाषण देने से पहले उदाहरण निर्धारित करना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कई कांग्रेसी नेता या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या फिर निष्क्रिय हो गए हैं। वहीं, कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर जिस तरह अंतर्कलह देखने को मिल रहे हैं, उसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

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