कथा में जब जाए तो मन खाली कर ही कथा का श्रवण करे
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कथा में जब जाए तो मन खाली कर ही कथा का श्रवण करे
संवाद सहयोगी, जागरण, बर्नपुर : बर्नपुर एसएसपी मैदान में श्री नरसिंहबांध बालाजी धाम की ओर से विशाल हनुमान ध्वजा पदयात्रा के उपलक्ष्य पर श्री रामकथा के तीसरे दिन रविवार को कथा के साथ-साथ बालाजी धाम की ओर से बर्नपुर बसस्टैंड में सहायता शिविर लगाया गया, जिसमें राहगीरों को हलवा की सेवा दी गई। वहीं रामकथा के दौरान कथावाचक राममोहन तिवारी ने कहा कि जब भी कोई कथा सुनने के लिए जाए तो अपने मन को एकदम खाली रखे, तभी कथा के ज्ञान को आत्मसात कर सकेंगे। जैसे भरी बाल्टी में पानी भरो तो वह पानी नीचे ही गिरेगा। पूजा-पाठ करने के लिए काम क्रोध को छोड़ना होगा। छल कपट को छोड़ना होगा। जो लोग समाज में दिखावा करते हैं, लेकिन छल कपट नहीं छोड़ते, वैसे लोग समाज में तो बच जाते हैं, लेकिन सबके मालिक से कैसे बचोगे। उन्होंने आगे कहा कि माता पार्वती को जब भगवान शिव श्री राम का बख़ान करते हैं तो वह उसी में रम जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें भी भगवान राम के गुणों को अपने अंदर आत्मसात कर लेना चाहिए। भगवान श्रीराम की कथा को लिखते समय गोस्वामी तुलसी दास ने श्रीराम के गुण और स्वरूप के साथ ही मर्यादा पुरुषोत्तम कैसे बने उसका भी विस्तार दिया है। वही इस कथा के दौरान नरेश अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, बालाजी धाम के संचालक संतोष भाई जी, विमल अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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