Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    DRM Asansol: पांच माह का ही रहा विनीता श्रीवास्तव का कार्यकाल, सुधीर कुमार शर्मा के सामने बड़ी चुनौती

    By Ranjit Kumar1 Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:17 PM (IST)

    Asansol DRMः जमुई के सिमुलतला में 27 दिसंबर को हुई मालगाड़ी दुर्घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने कड़ा कदम उठाया है। पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल की मंडल रेल प ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    विनीता श्रीवास्तव और सुधीर कुमार शर्मा। (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, आसनसोल। Eastern Railway: पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत जमुई के सिमुलतला में 27 दिसंबर की रात 11:10 बजे हुई मालगाड़ी दुर्घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। हादसे की जवाबदेही और सुरक्षा मानकों में कथित ढिलाई को लेकर आसनसोल मंडल की मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विनीता श्रीवास्तव का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। उनका कार्यकाल महज पांच महीने का ही रहा।

    पूर्व रेलवे मुख्यालय से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, दो जनवरी को जारी कार्यालय आदेश के तहत विनीता श्रीवास्तव (एनएफ-एचएजी/आईआरएसएमई) को पश्चिम मध्य रेलवे स्थानांतरित किया गया है। उनके स्थान पर सुधीर कुमार शर्मा को आसनसोल मंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। कार्यभार ग्रहण करते ही सुधीर कुमार शर्मा जमुई के सिमुलतला पहुंचे और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    रेलवे प्रशासन ने परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से तत्काल प्रभाव से सुधीर कुमार शर्मा (सीएमएम/वैगन/पूर्व रेलवे) को यह जिम्मेदारी दी है। आदेश के अनुसार नियमित डीआरएम की नियुक्ति होने तक वही आसनसोल मंडल रेल प्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। डीआरएम के तबादले की पुष्टि पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने भी की है।

    रेलवे सूत्रों के मुताबिक सिमुलतला रेल हादसे के बाद सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच यह प्रशासनिक फेरबदल बेहद अहम माना जा रहा है। रेलवे बोर्ड हादसे की जांच और सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही को लेकर पूरी तरह गंभीर है और यह कदम उसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा निर्णय है।

    गौरतलब है कि विनीता श्रीवास्तव ने सात अगस्त 2025 को आसनसोल डीआरएम के रूप में कार्यभार संभाला था। वह भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियर सेवा (आईआरएसएमई) के 1994 बैच की अधिकारी हैं और इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थीं। उनके तबादले को सीधे तौर पर सिमुलतला रेल हादसे की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।