Chardham Yatra: यहां जोखिम भरी है आस्था की डगर, भक्तों की हो रही परीक्षा
चारधाम यात्रा के पहले दिन यमुनोत्री धाम में यात्रा व्यवस्थाएं बदहाल दिखी। जानकी चट्टी से लेकर यमुनोत्री तक के पैदल मार्ग पर अव्यवस्थाओं के कारण यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ा।
उत्तरकाशी, जेएनएन। चारधाम यात्रा के पहले दिन ही यमुनोत्री धाम में यात्रा व्यवस्थाएं बदहाल दिखी। जानकी चट्टी से लेकर यमुनोत्री तक के पैदल मार्ग पर अव्यवस्थाओं के कारण यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ा। यहां यात्री जान को जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।
यमुनोत्री धाम में भी पुलिया निर्माण न होने से यात्रियों के एक कच्ची पुलिया के सहारे यमुना पार करनी पड़ी। साथ मंदिर परिसर में यात्रियों के खड़े रहने के लिए पर्याप्त स्थान न होने के कारण भी यात्रियों को तमाम दिक्कतें झेलनी पड़ी।
यमुनोत्री धाम के लिए जानकी चट्टी से पैदल यात्रा करनी पड़ती है। पांच किलोमीटर के इस पैदल मार्ग को चौड़ा करने तथा इस मार्ग पर सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया है। वर्ष 2018 में बरसात के समय तो यमुनोत्री धाम सहित इस मार्ग को खासी नुकसान हुआ था।
अभी तक मार्ग की हालत नहीं सुधरी और धाम में पुनर्निर्माण कार्य भी नहीं हो पाए है। यमुनोत्री मंदिर को जोड़ने वाली पुलिस भी अभी तक तैयार नहीं हो पाई है। मंदिर परिसर में यात्रियों के खड़े रहने के लिए स्थान न होने के कारण घोड़ा पड़ाव तक तो इतनी अधिक भीड़ हो रही है कि मंदिर तक पहुंचाना और मंदिर से वापस निकलना भी यात्रियों के लिए जोखिम भरा हो रहा है।
कपाट खुलने के दौरान तो जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को भी जाम में फंसना पड़ा। भले ही वह मार्ग पर व्यवस्थाओं को संभालते हुए खुद नजर आए। यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष पवन उनियाल ने कहा कि यमुनोत्री धाम पर शासन का कोई भी ध्यान नहीं है। यात्री जान जोखिम में डाल कर आ रहे हैं।
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