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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नन्हें हाथों से जब तबले पर पड़ी थाप तो सब बोल पड़े वाह उस्ताद

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Sat, 20 Jan 2018 05:23 PM (IST)Updated: Sat, 20 Jan 2018 11:07 PM (IST)

उत्तरकाशी जिले में चल रहे पौराणिक माघ मेला बाड़ाहाट कु थौलु मेंं अंशुमान के तबले की थाप सुनकर सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।

नन्हें हाथों से जब तबले पर पड़ी थाप तो सब बोल पड़े वाह उस्ताद
नन्हें हाथों से जब तबले पर पड़ी थाप तो सब बोल पड़े वाह उस्ताद

उत्तरकाशी, [जेएनएन]: कहते हैं पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। इस कहावत को 12 वर्षीय अंशुमान ने साबित भी कर दिया है। पौराणिक माघ मेला बाड़ाहाट कु थौलु में जब उसने तबले पर थाप दी तो अच्छे-अच्छे दंग रह गए और बोल पड़े वाह उस्ताद वाह। 

डुंडा ब्लॉक के भिटियारा गांव निवासी अंशुमान नौटियाल ने बताया कि वह ब्राइट एजुकेशन स्कूल में कक्षा 6 का छात्र है। उसकी एक बड़ी बहन है, जो हाईस्कूल में पढ़ रही है। मां गृहिणी है। पिता धर्मेंद्र नौटियाल जिले में आयोजित होने वाली कथा में तबला वादन करते हैं।

बकौल अंशुमान उसने बचपन से ही पिता को तबला बजाते हुए देखा है। कहा कि जब वह सात वर्ष के थे, तो उन्होंने भी पिता जी से तबला बजाना सीख लिया। अंशुमान ने 10 वर्ष की उम्र में डुंडा में आयोजित एक कथा में विधिवत तबला बजाने की शुरुआत की। अंशुमान ने बताया कि वह आगे क्या करेगा। अभी उन्होंने अपना लक्ष्य तय नहीं किया है। फिलहाल वह पिता की विरासत को आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही वह पढ़ाई में अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 

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