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    ऊधम सिंह नगर में देह व्यापार : मानव तस्करी से तो नहीं जुड़े बांग्लादेशी युवतियों के तार, जांच करेगी SIT

    By virendra bhandariEdited By: Rajesh Verma
    Updated: Thu, 29 Sep 2022 08:32 PM (IST)

    escort service cought in Udham Singh Nagar पुलिस और एसओजी ने रुद्रपुर में देह व्यापार का धंधा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर बांग्लादेश निवासी साथी खातून और संदिग्ध बांग्लादेशी विष्टी राय और अनिल मलिक को गिरफ्तार किया है।

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    एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने एसआइटी जांच की बात कही है।

    वीरेंद्र भंडारी, रुद्रपुर : Escort service cought in Udham Singh Nagar:  यूएस नगर और नैनीताल में एस्कार्ट सर्विस के नाम पर देह व्यापार का धंधा चला रहे बांग्लादेशी युवतियां समेत तीनों आरोपितों के तार मानव तस्करी गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं, इसकी जांच एसआइटी करेगी। इसके लिए एसएसपी ने एसओजी, एलआइयू और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर दी है।

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    दो से 15 हजार रुपये में उपलब्ध कराते थे लड़कियां

    बुधवार रात को पुलिस और एसओजी ने देह व्यापार का धंधा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर बांग्लादेश निवासी साथी खातून और संदिग्ध बांग्लादेशी विष्टी राय और अनिल मलिक को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि वे लोग बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत अन्य स्थानों से 20 से 25 साल की युवतियों को लाते थे। जिन्हें हल्द्वानी, किच्छा, सितारगंज, रुद्रपुर, नैनीताल, भीमताल, रामनगर के लोगों की डिमांड पर दो हजार से 15 हजार रुपये तक में उपलब्ध कराया जाता था।

    कई युवतियों की भेजी थी फोटो

    पुलिस ने उनके फोन की जांच की तो अलग-अलग वाट्सएप नंबरों पर गिरफ्तार विष्टी राय समेत कई अन्य युवतियों की भी फोटो भेजी गई थी। ऐसे में तीनों के तार मानव तस्करी से जुड़े होने की संभावनाओं के मद्देनजर एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने एसआइटी जांच की बात कही है।

    ये भी पढ़ें : रुद्रपुर में चल रहा था देह व्यापार का धंधा, बांग्लादेशी महिला समेत तीन लोग गिरफ्तार 

    एक महीने के लिए गई थी बांग्लादेश

    एसएसपी ने बताया कि जून में साथी खातून के बांग्लादेश जाने और फिर जुलाई में उसके वापस आने की भी पुष्टि हुई है। इस दौरान वह अपने साथ बांग्लादेश से युवतियां तो नहीं लाई। इसकी जांच के लिए एलआइयू, एसओजी और पुलिस की संयुक्त एसआइटी टीम का गठन किया जा रहा है। साथ ही बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी की सूचना एनआइए और आइबी को भी दे दी गई है।

    बांग्लादेशी भाषा में मिली व्हाटसएप चैटिंग

    तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके मोबाइल चेक किए। जिसमें कई नंबरों पर बांग्लादेशी भाषा में व्हाटसएप चैटिंग मिली। जब पुलिस ने उनसे बात करने का प्रयास किया तो वह हिंदी नहीं बोल पाए। साथ ही उनसे बात करने के लिए पुलिस ने बांग्ला भाषा जानने वालों की मदद ली। पुलिस के मुताबिक स्थानीय बांग्ला भाषा का ज्ञान रखने वालों ने उनसे वार्ता करने के बाद बताया कि वह पश्चिम बंगाल के नहीं है, उनकी भाषा बांग्लादेश की है।

    पति-पत्नी बनकर रह रहे थे अनिल मलिक और साथी खातून

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अनिल मलिक उर्फ श्याम मलिक खुद को पीलीभीत का बता रहा था। लेकिन उसके पास पीलीभीत के निवासी होने के कोई साक्ष्य नहीं थे। अनिल कालोनी में किराए के मकान में साथी मलिक के साथ पति-पत्नी बनकर रह रहे थे। उसकी तलाशी में पुलिस को एक साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रेस कार्ड भी मिला है।

    साथी खातून 2018 से रह रही भारत में

    एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि पूछताछ में बांग्लादेशी नागरिक साथी मलिक ने बताया कि वह वर्ष, 2018 में भारत आई थी। तब से वह यहीं रह रही है। जबकि अनिल मलिक ने बताया कि तीनों पासपोर्ट का प्रयोग वह भारत से बांग्लादेश आने-जाने के लिए करते हैं। साथी मलिक जून, 2022 में बांग्लादेश गई थी और जुलाई 2022 में वापस लौट आई थी।

    ये भी पढ़ें : ऊधम सिंह नगर में तेजी से फैल रहा देह व्यापार, पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं नेपाल, बांग्लादेश, थाइलैंड की युवतियां 

    फेसबुक पर हुई थी विष्टी राय से पहचान

    विष्टी राय से अनिल मलिक की पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी। विष्टी ने बताया कि उसने अपना पति छोड़ दिया है। उसने उससे काम पर लगाने की बात कही थी। जिस पर अनिल मलिक ने उससे कहा कि वह रुद्रपुर आ जाए और जो काम वह साथी मलिक के साथ कर रहा है, वह भी उनके साथ कर लेगी। जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होगा और आपस में बांट लेंगे।

    यूएस नगर में पांच देशों के 16 नागरिक पकड़े

    ऊधम सिंह नगर में जहां विदेशी नागरिकों का कारोबार और पढ़ाई के सिलसिले से आना जाना लगा रहता है। वहीं कई विदेशी अवैध रूप से रह रहे हैं। जो यहां पर आपराधिक वारदात के साथ ही अवैध देह व्यापार के धंधे में भी पकड़े जा चुके हैं। 13 साल के भीतर पुलिस और खुफिया विभाग अवैध रूप से रह रहे पांच देशों के 16 नागरिकों को पकड़ चुकी है। इसमें दो को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट और दो जेल की सजा काट रहे हैं।

    किस वर्ष कितने विदेशी पकड़े

    वर्ष - थाना - नागरिक - देश

    2009 - गदरपुर - 02 - बांग्लादेश

    2010 - काशीपुर - 01 - बांग्लादेश

    2011 - जसपुर - 02 - बांग्लादेश

    2012 - रुद्रपुर - 03 - बांग्लादेश

    2012 - किच्छा - 01 - बांग्लादेश

    2016 - झनकइया - 01 - स्पेन

    2017 - काशीपुर - 01 - चीन

    2017 - रुद्रपुर - 01 - थाइलैंड

    2018 - ट्रांजिट कैंप - 01 - बांग्लादेश

    2019 - काशीपुर - 02 - नाइजीरिया

    2022 - रुद्रपुर - 01 - बांग्लादेश