काशीपुर : गिरिताल स्थित मां महिषासुर मर्दिनी देवी के मंदिर को पौराणिक काल का माना जाता है। मान्यता है कि पांडव काल में यहां पर ऋषि मुनियों का मठ था। वे देवी की आराधना करते थे। मां के दरबार में दर्शन करने दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। मां मंदिर आने वाले सभी भक्तों की मुरादें पूरी करती हैं। मंदिर परिसर में भगवान शंकर, लक्ष्मी-नारायण, सत्यनारायण, राधा-कृष्ण, सीता-राम, हनुमान, गायत्री, सरस्वती की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के मुख्य द्वार पर शनि व ब्रह्मदेव की मूर्तियां स्थापित हैं।

ऐसे पहुंचे मंदिर

एमपी चौक से करीब एक किलोमीटर व रामनगर हाईवे से करीब दो सौ मीटर मां महिषासुर मर्दिनी देवी मंदिर दूर है। मंदिर तक ई-रिक्शा व टेंपो जाते हैं। जसपुर-खुर्द मार्ग से श्रद्धालु टेंपो से जा सकते हैं।

महिषासुर मर्दिनी देवी मंदिर पांडवों के काल का है। मां के दरबार में आने वाले सभी भक्तों की मुरादें मां पूरी करती हैं। लोग मां का दर्शन करने के साथ गिरिताल भी घूमने आते हैं।

हरीश चंद्र उपाध्याय, पुजारी