Uttarakhand: 18 स्वर्ण व 17 रजत सहित कुल 47 पदक जीतकर भारत बना इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कप का चैंपियन
टिहरी झील में आयोजित इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कप और चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का रविवार को समापन हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेताओं को ट्राफी देकर सम्मानित किया। टीएचडीसी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।

प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को ट्राफी प्रदान कर पुरस्कृत करते सीएम पुष्कर सिंह धामी। सूचना विभाग
जागरण संवाददाता, नई टिहरी : इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कप और चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप-2025 की ट्राफी भारतीय खिलाड़ियों ने 18 स्वर्ण व 17 रजत सहित कुल 47 पदक की सुनहरी वर्षा कर अपने नाम कर ली।
वहीं, पांच स्वर्ण व दो रजत पदक जीतकर सर्बिया की टीम दूसरे और चार स्वर्ण, एक रजत सहित कुल 10 पदक के साथ कजाकिस्तान की टीम तीसरे स्थान पर रही।
विजेता टीमों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेडल व ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि टिहरी झील अंतरराष्ट्रीय साहसिक खेल का गंतव्य बन गई है।
आने वाले दिनों में यहां एशियन, कामनवेल्थ सहित ओलंपिक की जल क्रीड़ा की प्रतिस्पर्धाएं भी संचालित की जा सकेंगी।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, इंडियन कयाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन और भारतीय ओलिंपिक संघ की ओर से कोटी कालोनी टिहरी झील में आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का रविवार को उत्साहपूर्वक समापन हो गया।
प्रतियोगिता में सर्बिया, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, सिंगापुर समेत कुल 21 देशों के करीब 300 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के तहत हुईं कयाकिंग व कैनोइंग रेस में भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनी।
समापन समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार टिहरी झील को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं चला रही है। 1200 करोड़ रुपये से अधिक की एडीबी से सहायता प्राप्त टिहरी लेक प्रोजेक्ट से इस क्षेत्र की दशा बदली जाएगी। केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से देश में खेलों में नई प्रगति हुई है।
कहा कि 2012 के ओलिंपिक में भारत से मात्र 83 एथलीट हिस्सा लेने गए थे, लेकिन 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद 2016 के ओलिंपिक में 117, 2020 में 126 व 2024 में 160 से अधिक एथलीट ने क्वालिफाई किया।
चीन में हाल में संपन्न हुए एशियाई खेलों में भारत ने रिकार्ड 107 पदक जीते। मोदी सरकार ने खेल बजट में सीधा तीन गुना बढ़ोत्तरी की है। वहीं उत्तराखंड को सरकार ने देवभूमि के साथ खेल भूमि बना दिया है।
38वें नेशनल गेम्स का प्रदेश सरकार ने बेहतर आयोजन किया। रिकार्ड 103 पदक जीतकर उत्तराखंड सातवें नंबर पर रहा। सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है।
23 खेल अकादमी में एक हजार से अधिक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। सरकार ने नई खेल नीति, पदक विजेताओं को नौकरी, देवभूमि द्रोणाचार्य अवार्ड, खेलों का नौकरी में चार प्रतिशत कोटा लागू किया है।
टिहरी में मेडिकल कालेज को लेकर कार्यवाही गतिमान है। इस दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि टिहरी झील पर्यटन के साथ साहसिक खेलों का हब बन रही है।
टीएचडीसी के सीएमडी सिपन कुमार गर्ग ने सफल आयोजन पर सरकार व खेल संघों सहित खिलाड़ियों का आभार जताया।
इस मौके पर जिपं अध्यक्ष इशिता सजवाण, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, नई टिहरी पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, टीएचडीसी के सीटीओ एलपी जोशी, सीजीएम एमके सिंह, डीएम निकिता खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, बलवंत रावत, खेम सिंह चौहान, जगदंबा रतूड़ी, सुनीता देवी आदि मौजूद रहे।

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