नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने सुनाई दस साल की कैद
नाबालिग को बहलाफुसला कर भगाने और उससे दुष्कर्म के दोषी को विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दस साल के सश्रम कारावास व दस हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
नई टिहरी, जेएनएन। नाबालिग को बहलाफुसला कर भगाने और उससे दुष्कर्म के दोषी को विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दस साल के सश्रम कारावास व दस हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामला टिहरी जनपद के थाना मुनिकीरेती का है। नाबालिग की बहन ने 28 अगस्त 2015 को पुलिस चौकी प्रभारी कैलाशगेट थाना मुनिकीरेती को तहरीर दी थी। इसमें कहा कि उसकी छोटी बहन 25 अगस्त 2015 की सुबह को बिना बताए कहीं चली गई। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो उन्होंने थाने में रिपोर्ट लिखाई।
नाबालिग की बहन ने बताया कि बाद में पता चला कि बहन की अंश गौतम पुत्र नवल किशोर नगला एन्कलेव लोहिया सब्जी मंडी के निकट एनआइटी फरीदाबाद, थाना सारन (हरियाणा) निवासी से मोबाइल पर बात होती रहती थी और वही उसे बहला-फुसला कर ले गया।
बाद में पुलिस भी अभियुक्त की तलाश में जुट गई। 3 सितंबर 2015 को पुलिस ने दोनों को हरिद्वार बस अड्डे के पास बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद यह मामला न्यायालय में चलता रहा। अभियुक्त उस दौरान ऋषिकेश में ही रहता था।
इस मामले में अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह नेगी ने बहस की। उन्होंने इस मामले में आठ गवाह व कई साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा सुना दी।
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