विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जोर पकड़ने लगी मेड गांव को विस्थापन करने की मांग

By JagranEdited By:
Published: Fri, 23 Jul 2021 06:52 PM (IST)

संवाद सूत्र, घनसाली: विकासखंड भिलंगना के मेड गांव में बादल फटने की घटना से सहमे ग्रामीण अब गांव का

जोर पकड़ने लगी मेड गांव को विस्थापन करने की मांग
जोर पकड़ने लगी मेड गांव को विस्थापन करने की मांग

संवाद सूत्र, घनसाली: विकासखंड भिलंगना के मेड गांव में बादल फटने की घटना से सहमे ग्रामीण अब गांव का विस्थापन की मांग कर रहे हैं।

भिलंगना ब्लॉक दैवीय आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। यहां हर वर्ष किसी न किसी गांव में बादल फटने जैसी घटना से जूझना पड़ता है। वर्ष 2017 में बूढाकेदार में कोट विशन क्षेत्र में बादल फटने की घटना से छह लोगों की अकाल मौत हो गई थी। उसी दौरान भिलंगना के कई अन्य गांव में बादल फटने से ग्रामीणों की खेती और घरों को भी नुकसान हुआ था। अभी कुछ दिन पहले मेड गांव में बादल फटने से सात घरों में मलबा घुस गया था और गांव की काफी भूमि मलबे से पट गई थी। इस क्षेत्र में वर्ष 2002 की आपदा में भी क्षेत्र में जनहानि के साथ ही भारी तबाही हुई थी। इसको देखते हुए कोट गांव के साथ ही मेड को भी विस्थापन की सूची में शामिल किया गया था, लेकिन तब से लेकर आज तक मामला आगे नहीं बढ़ पाया है। ग्रामीण भगवत सिंह, चंद्र सिंह, कुशाल सिंह का कहना है कि मेड गांव विस्थापन की सूची में शामिल होने के बावजूद भी अभी तक गांव के विस्थापन की कार्यवाही नहीं हुई है। इस क्षेत्र में हर वर्ष बादल फटने की घटनाएं होती रहती है। जिस कारण बरसात में ग्रामीण सहम जाते हैं। तहसीलदार बालगंगा,आरएस रावत का कहना है कि मेड गांव को विस्थापन की सूची में रखा गया है जिसकी पत्रावली शासन स्तर पर चल रही है जिसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। फोटो 23एनडब्ल्यूटीपी 1