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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Heli Ticket Fraud: केदारनाथ के लिए हेली टिकट के नाम पर तीर्थ यात्रियों से ठगे 50 हजार रुपये, तीनों गिरफ्तार

By Jagran NewsEdited By: riya.pandey
Published: Sat, 14 Oct 2023 08:01 AM (IST)

Heli Ticket Fraud केदारनाथ के लिए हेली टिकट के नाम पर तीन व्यक्तियों ने गुजरात के छह तीर्थ यात्रियों से ...और पढ़ें

Heli Ticket Fraud: केदारनाथ के लिए हेली टिकट के नाम पर तीर्थ यात्रियों से ठगे 50 हजार रुपये
Heli Ticket Fraud: केदारनाथ के लिए हेली टिकट के नाम पर तीर्थ यात्रियों से ठगे 50 हजार रुपये

HighLights

  1. केदारनाथ के लिए हेली टिकट के नाम पर तीर्थ यात्रियों से ठगे 50 हजार रुपये
  2. 35 हजार रुपये के टिकटों के लिए गुजरात के तीर्थ यात्रियों से वसूले 85 हजार
  3. टिकट और पहचान पत्र का मिलान नहीं होने पर रद कर दिए गए थे टिकट

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। Heli Ticket Fraud: केदारनाथ के लिए हेली टिकट के नाम पर तीन व्यक्तियों ने गुजरात के छह तीर्थ यात्रियों से 50 हजार रुपये ठग लिए। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें दो महाराष्ट्र और एक देहरादून का रहने वाला है। आरोपितों ने 35 हजार रुपये मूल्य के टिकट के लिए तीर्थ यात्रियों से 85 हजार रुपये वसूले।

तीर्थ यात्रियों से हेली टिकट के नाम पर धोखाधड़ी

हेलीपैड पर जांच के दौरान टिकट और पहचान पत्र में दर्ज नाम-पते का पूर्ण मिलान नहीं होने पर टिकट रद कर दिए गए, तब तीर्थ यात्रियों को धोखाधड़ी का पता चला। इसी तीन अक्टूबर को सड़क फलिया, वाकल तालुका, जिला वलसाड (गुजरात) निवासी नतेश गंभीर सिंह पडियार ने गुप्तकाशी थाने में धोखाधड़ी की शिकायत की थी।

शिकायत में बताया कि वह पांच अन्य लोगों के साथ केदारनाथ यात्रा पर आए थे। यहां उन्होंने फाटा से केदारनाथ धाम के लिए हेली टिकट बुक कराने को फाटा स्थित सैनिक होटल धानी के संचालक करन भरत चन्द्रानी से संपर्क किया।

यात्रा से पहले टिकट रद

करन ने छह हेली टिकट के लिए उनसे 85 हजार मांगे, जिसमें से 50 हजार रुपये उसने तत्काल ले लिए और 35,130 रुपये फाटा हेलीपैड के टिकट काउंटर पर लिए। इसके बाद आरोपित ने उन्हें छह टिकट दिए, लेकिन हेलीकाप्टर में सवार होने से पहले सभी टिकट रद हो गए। क्योंकि, जांच के दौरान टिकट में दर्ज नाम आदि का उनके पहचान पत्रों से मिलान नहीं हुआ। इसके बाद करन ने टिकट वापस करवाए और उसके एवज में 33,006 रुपये ही लौटाए।

बाद में तीर्थ यात्रियों को पता चला कि टिकट 35,130 रुपये के थे, जिसमें से कंपनी ने निरस्तीकरण का शुल्क काटकर शेष धनराशि लौटाई है। पुलिस तभी से करन भरत चन्द्रानी मूल निवासी 401 लेक व्यू-2, रायल पाम्स, गोरे गांव (ईस्ट मुम्बई) हाल निवासी फाटा की तलाश कर रही थी।

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तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जेल

इस दौरान पता चला कि ठगी में दो अन्य लोग सोनू उर्फ अमित ओबेराय निवासी डीएसपी चौक, बड़ोवाला (देहरादून) और संतोष दुखरण पांडे निवासी 46-डी, अश्विन नगर, दिवानमान, डीजी वसई रोड वेस्ट थाना मानिकपुर उमेले पालघर (महाराष्ट्र) भी शामिल थे। शुक्रवार को तीनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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