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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kedarnath में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, मच गया हड़कंप; यात्रियों को ला रहा था धाम- डीजीसीए ने दिए जांच के आदेश

Published: Fri, 24 May 2024 08:14 AM (IST)

Helicopter Emergency Landing in Kedarnath केदारनाथ में क्रिस्टल का हेलीकॉप्‍टर खराब हो गया। हेलीकॉप्टर यात्रियों को लेकर केदारनाथ आ रहा ...और पढ़ें

Helicopter Emergency Landing in Kedarnath: तकनीकी खराबी आने के कारण पायलट ने हेलीकॉप्‍टर की इमरजेंसी लैंडिंंग करवाई।
Helicopter Emergency Landing in Kedarnath: तकनीकी खराबी आने के कारण पायलट ने हेलीकॉप्‍टर की इमरजेंसी लैंडिंंग करवाई।

जागरण संवाददाता, रुद्रप्रयाग। Helicopter Emergency Landing in Kedarnath: केदारनाथ में क्रिस्टल का हेलीकॉप्‍टर खराब हो गया। बताया गया कि कुछ तकनीकी खराबी आने के कारण पायलट ने हेलीकॉप्‍टर की इमरजेंसी लैंडिंंग करवाई। 

पायलट ने हेलीकॉप्टर को केदारनाथ धाम में हैलीपेड के निकट ही मिट्टी में लैंडिंग करवाई। हेलीकॉप्टर यात्रियों को लेकर केदारनाथ आ रहा था। सभी यात्री सुरक्षित हैं। वहीं इमरजेंसी लैंडिंग से यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि समस्‍या बताने के बाद उन्‍होंने राहत की सांस ली।

केदारनाथ में हेलीकाप्टर की क्रेश लैंडिंग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हुआ है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण इस प्रकरण को देख रहा है। पूरी जानकारी मंगवाई जा रही है। हमारे लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

बीते 11 वर्षों में केदारनाथ में 10 हादसे

यूकाडा के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार डीजीसीए ने हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग प्रकरण के जांच के आदेश दिए है। शुक्रवार को ही डीजीसीए की टीम मौका मुआयना करेगी। बता दें कि केदारनाथ में हेली सेवा हमेशा से ही जोखिमभरी रही है। बीते 11 वर्षों में केदारनाथ में 10 हादसे हो चुके हैं। 

पायलट की सूझबूझ से टला हादसा

शुक्रवार प्रातः लगभग 7 बजे क्रिस्टल एविएशन कंपनी के हेली ने शेरसी से श्रद्धालुओं को केदारनाथ दर्शन करने के लिए उड़ान भरी तथा हेली में तकनीकी खराबी आने के कारण पायलट की सूझबूझ से हेली को केदारनाथ हेलीपैड से कुछ दूरी पहले ही घास, मिट्टी में आपात स्थिति में लैंडिंग कराई गई, जिसमें सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।

पायलट ने अपना धैर्य नहीं खोया एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए आपात स्थिति में हेली की लैंडिंग की गई, जिसमें सभी तीर्थ यात्री सुरक्षित हैं तथा सभी यात्रियों को बाबा केदारनाथ दर्शनों के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि हेली में आई तकनीकी खराबी की जांच कराई जा रही है।

वहीं यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी रविशंकर ने बताया के पायलट के अनुसार इंजन में हाइड्रोलिक फेलियर के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

मुख्य न्यायाधीश उत्तराखंड ने किए केदार बाबा के दर्शन

मुख्य न्यायाधीश उत्तराखंड हाईकोर्ट जस्टिस रितु बाहरी ने गुरुवार को भगवान केदारनाथ के दर्शन किए, तथा केदारनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक कर विशेष पूजा अर्चना कर विश्व एवं जन कल्याण की कामना केदार बाबा से की।

गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश केदारनाथ धाम दर्शनों को पहुंची, जस्टिस रितु बाहरी का जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा ने वीआईपी हैलीपैड पर स्वागत किया। जस्टिस रितु बाहरी तीर्थ पुरोहित समाज एवं मुख्य पुजारी से भी मुलाकात की।

इसके बाद उन्होंने बाबा केदारनाथ मंदिर में प्रवेश कर विशेष पूजा अर्चना कर संपूर्ण विश्व एवं मानवता के कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के सतत विकास के लिए भी बाबा केदार से आशीर्वाद मांगा।

1483 श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई ऑक्सीजन

केदारनाथ यात्रा में स्वास्थ्य विभाग ने अब 1483 श्रद्धालुओं को ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। केदारनाथ पैदल मार्ग एवं धाम में अब तक ओपीडी एवं इमरजेंसी के माध्यम से 29,724 श्रद्धालुओं का उपचार किया जा चुका है।

केदारनाथ धाम के दर्शन करने पहुंच रहे किसी श्रद्धालु का यदि स्वास्थ्य खराब या किसी कारण से घायल होने के स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक विभिन्न पडाव पर मेडिकल रिलीव सेंटर खोली गई है। जिससे श्रद्धालु का तत्परता से उपचार किया जा सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एचसीएस मर्तोलिया ने बताया कि केदारनाथ यात्रा में गुरूवार को ओपीडी के माध्यम से 2550 तीर्थयात्रियों का उपचार किया गया। जिसमें 1903 पुरुष एवं 647 महिलाएं शामिल है।

अबतक ओपीडी एवं इमरजेंसी के माध्यम से 29,724 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया है। जिसमें 23006 पुरुष, 6718 महिला शामिल हैं। बताया गुरूवार को 87 श्रद्धालुओं के साथ ही अबतक 1483 श्रद्धालुओं को ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।