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    केदारनाथ में कड़ाके की सर्दी से यात्रियों को बचाएगा इलेक्ट्रिक कंबल

    केदारनाथ में कड़ाके की ठंड से यात्रियों को बचाने के लिए प्रशासन इलेक्ट्रिक कंबल की व्यवस्था कर रहा है। साथ ही बारिश में दर्शन को लाइन में खड़े यात्रियों को छाते दिए जाएंगे।

    By Edited By: Updated: Sat, 26 May 2018 05:43 PM (IST)
    केदारनाथ में कड़ाके की सर्दी से यात्रियों को बचाएगा इलेक्ट्रिक कंबल

    रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: केदारनाथ समेत अन्य पड़ावों पर यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए प्रशासन इलेक्ट्रिक कंबल भेज रहा है। यह कंबल केदारपुरी के साथ ही पैदल मार्ग के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में रखे जाएंगे। ताकि ठंड लगने पर यात्री को तत्काल यह कंबल ओढ़ाकर उसके शरीर के तापमान को नियंत्रित किया जा सके। 

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    वहीं, बारिश व बर्फबारी होने पर भीगने से यात्री की तबीयत न बिगड़े, इसके लिए यात्रियों को पुलिस-प्रशासन की ओर से छाता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। 

    केदारनाथ में हल्की बारिश होने पर भी शून्य से नीचे तापमान चला जाना आम बात है। ऐसे में ठंड लगने से यात्रियों की तबीयत बिगड़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ समेत गौरीकुंड, जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी व बड़ी लिनचोली व बेस कैंप केदारनाथ में प्रशासन की ओर से इलेक्ट्रिक कंबल भेजे जा रहे हैं। 

    यह कंबल ठंड लगने और बारिश में भीगने पर शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ में अक्सर मौसम प्रतिकूल रहता है। खासकर बरसात के मौसम में तो यात्रियों को तमाम दिक्कतें झेलने पड़ती हैं। ऐसे में ठंड लगने से हार्ट अटैक आने की आशंका बढ़ जाती है। 

    यह इलेक्ट्रिक कंबल तत्काल शरीर को गर्म करने में मदद करता है। बताया कि मई अंतिम सप्ताह तक यह कंबल सभी स्वास्थ्य केंद्रों में भेज दिए जाएंगे। 

    वहीं केदारनाथ मे मंदिर के सामने दर्शनों के लिए लाइन में खड़े यात्रियों को बारिश व बर्फबारी से बचाने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से छाता भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दर्शनों के बाद यात्रियों को यह छाता लौटाने होंगे। 

    मुख्य चिकित्साधिकारी एसके झा ने बताया कि सबसे पहले सौ इलेक्ट्रिक कंबल भेजे जा रहे हैं। इसके बाद जरूरत के हिसाब से कंबल भेजे जाएंगे। अच्छी बात यह है कि इस वर्ष दर्शनों को आ रहे यात्रियों की हार्ट अटैक से मौत का आंकड़ा बीते वर्ष की तुलना में कम है। फिर भी विभाग का प्रयास इसे न्यून करने का है। इसके लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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