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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अतिवृष्टि से नरकोटा गांव के एक दर्जन घरों में घुसा मलबा

By JagranEdited By:
Published: Sat, 12 Jun 2021 05:55 PM (IST)

संवाद सहयोगी रुद्रप्रयाग नरकोटा में शनिवार सुबह पांच बजे अतिवृष्टि से कई घरों में मलबा घ

अतिवृष्टि से नरकोटा गांव के एक दर्जन घरों में घुसा मलबा
अतिवृष्टि से नरकोटा गांव के एक दर्जन घरों में घुसा मलबा

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: नरकोटा में शनिवार सुबह पांच बजे अतिवृष्टि से कई घरों में मलबा घुस गया। आधा दर्जन भवनों के साथ ही खेत और गोशाला को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आपदा प्रबंधन टीम ने गांव में पहुंचकर प्रभावित परिवारों को टेंट में शिफ्ट किया।

रुद्रप्रयाग शहर से छह किमी दूर बदरीनाथ हाईवे पर श्रीनगर की ओर नरकोटा गांव में शनिवार सुबह लगभग पांच बजे सैंण तोक में तेज बारिश के बाद मलबा और पानी घरों में घुस गया। भारी बारिश के चलते बस्ती में बड़ी मात्रा में पानी और मलबा आ गया, जिससे छह आवासीय मकानों के अंदर मलबा घुस गया। खेतों और गोशाला में भी इससे भारी नुकसान पहुंचा है। नरकोटा गांव के कुलदीप जोशी, हरीश चंद्र जोशी, भगवती प्रसाद सिलोड़ी, पुष्पानंद सिलोड़ी, अनिता देवी, सुरेंद्र प्रसाद, ओम प्रकाश, शिव प्रसाद आदि व्यक्तियों के घरों में मलबा घुसने से घर का सामान बर्बाद हो गया। बता दें कि बीती तीन मई को भी अतिवृष्टि से नरकोटा गांव के मकान, आंगन, खेत, खलिहान और गोशाला में बड़ी मात्रा में मलबा घुसने से नुकसान पहुंचा था।

तड़के हुई इस घटना से ग्रामीण सहम गए हैं, ग्रामीणों ने गांव से दूसरी ओर भागकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सहायता राशि के रूप में दो-तीन हजार रुपये के चेक देकर लावारिस छोड़ दिया गया। जबकि, ग्रामीण बस्ती के ऊपर ट्रीटमेंट और विस्थापन की मांग कर रहे हैं। इस क्षेत्र में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की सुरंगों का निर्माण कार्य भी चल रहा है। इसमें बड़ी मात्रा में विस्फोटकों से सुरंगों का निर्माण कार्य किया जाना है। इससे बस्ती में रह रहे सभी परिवारों को ऊपर पहाड़ी से मलबा आने का खतरा और नीचे रेल लाइन सुरंग निर्माण के बड़े-बड़े विस्फोटकों का भय होने से भविष्य के अस्तित्व पर भी संकट पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र विस्थान की मांग की है। घटना की सूचना पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार, राजस्व उपनिरीक्षक मनोज सजवाण टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रभावित परिवारों को दो टेंट, दो तिरपाल और 12 स्लीपिग बैग दिए।