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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नन्हीं परी केस का मुख्य अभियुक्त सुप्रीम कोर्ट से बरी: पिथौरागढ़ की सड़कों पर उतरे लोग, केस रि-ओपन करने की मांग

Published: Sun, 14 Sep 2025 11:26 AM (IST)

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नन्हीं परी केस के मुख्य अभियुक्त को बरी किए जाने पर पिथौरागढ़ में आक्रोश फैल गया है। ...और पढ़ें

नन्हीं परी केस के मुख्य अभियुक्त के सुप्रीम कोर्ट से बरी होने से रोष व्याप्त है।
नन्हीं परी केस के मुख्य अभियुक्त के सुप्रीम कोर्ट से बरी होने से रोष व्याप्त है।

HighLights

  1. कमजोर पैरवी के लिए प्रदेश सरकार के विरुद्ध रोष व्याप्त
  2. नगर में जुलूस निकाला और केस को रि-ओपन कराये जाने की मांग की थी

जागरण टीम, पिथाैरागढ़। नन्हीं परी केस के मुख्य अभियुक्त के सुप्रीम कोर्ट से बरी हो जाने के बाद जिला मुख्यालय में आक्रोश फैल गया है। नन्ही परी को न्याय दिलाने के पिथौरागढ़ नगर की जनता सड़कों पर उतरी है। मातृशक्ति, विद्यालयों के बच्चे, आम जन मानस रामलीला मैदान में एकत्रित हुए हैं। दोषी कौन, नन्ही परी को न्याय दो के नारे गूंज रहे है। कमजोर पैरवी के लिए प्रदेश सरकार की विरुद्ध रोष व्याप्त है।

इससे पहले नगर की मातृशक्ति सहित विभिन्न संगठनों ने देर सायं नगर में जुलूस निकाला और केस को रि-ओपन कराये जाने की मांग की। 

ये है मामला

पिथौरागढ़ की एक बालिका की हल्द्धानी में दुराचार के बाद निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना से पूरे उत्तराखंड में उबाल आ गया था। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया था, दूसरे को पांच वर्ष की सजा और तीसरे मुख्य अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई थी। मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त को बरी कर दिया है। इस फैसले की जानकारी मिलते ही पिथौरागढ़ नगर के लोगों में आक्रोश की लहर फैल गई।

शनिवार को नगर की मातृशक्ति, व्यापार संघ, पूर्व सैनिक संगठन, सीमांत यूथ मोर्चा, उत्तराखंड छात्र मोर्चा, नगर यूथ कमेटी, नगर निगम के पार्षदों ने नगर निगम परिसर से गांधी चौक तक जुूलूस निकाला। गांधी चौक में राष्ट्रपिता के समक्ष नन्हीं परी को श्रद्धांजलि दी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर मुमकिन लड़ाई लड़ने का ऐलान किया। लोगों ने नारेबाजी करते हुए नन्हीं परी मामले को सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू कराने की मांग की।