श्रीनगर गढ़वाल, जेएनएन। प्रसिद्ध वैज्ञानिक शांतनु भट्टाचार्य ने कहा कि रसायन विज्ञान के बिना मानव जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है। मानव शरीर में होने वाली प्रत्येक क्रिया में रसायन कहीं न कहीं और किसी न किसी प्रकार से सम्मिलित है। ये बात उन्होंने गढ़वाल केंद्रीय विवि में आयोजित सेमीनार में कही। 

गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में रसायन विभाग ने 'रीसेंट एडवांसमेंट इन नेचुरल प्रोडक्ट्स कैमिस्ट्री एंड नैनो टेक्नोलॉजी' विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध वैज्ञानिक और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलुरु के प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने गढ़वाल  केंद्रीय विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल के साथ मिलकर किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने कहा कि कहा कि रसायन विज्ञान के बिना मानव जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है। जीवन के विकास में रसायन विज्ञान का अहम योगदान होने के साथ ही उसकी प्रभावी भूमिका भी होती है।

विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने औषधीय पौधों पर शोध को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कहा कि शोध में और अधिक गुणवत्ता लाने के लिए शिक्षकों और शोधार्थियों को पहल करनी होगी। इस अवसर पर सीएसआइआर, सीडीआरआइ लखनऊ के डॉ. राकेश मौर्य, गढ़वाल विवि रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. डीएस नेगी, कार्यशाला संयोजक डॉ. एससी सती, डॉ. गुरप्रीत कौर व विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर, टिहरी और पौड़ी परिसर के रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष के साथ ही शोध छात्र उपस्थित थे।

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