संवाद सहयोगी, पौड़ी: घुसगलीखाल में ढोल सागर की थाप पर मकरैंण मेले का शुभारंभ हो गया है। तीन दिन तक चलने वाले मेले में मां दुर्गा की पूजा अर्चना, भजन-कीर्तन के साथ ही विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

मेले का आयोजन श्री दुर्गा मंदिर मकरैंण मेला समिति के तत्वावधान में सिद्धपीठ भुवनेश्वरी मंदिर प्रबंध समिति, सिद्धपीठ देवलेश्वर और पंचतत्व द लॉ क्रिएशन के सहयोग से किया जा रहा है। गुरुवार को घुसगलीखाल में पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मकरैंण मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। युवाओं को इस विरासत को संवारने के लिए आगे आना होगा। गांववासी ने कहा कि ढोल सागर उत्तराखंड की लोक सांस्कृतिक विरासत है, जो वर्तमान दौर में विलुप्ति की कगार पर है। ढोल सागर को बचाने में सभी के सामूहिक प्रयास की जरूरत है। मेले में गणेश दास, प्रकाश चंद्र, बालक दास, मिल्ली दास व सोहन ¨सह ने ढोल सागर की शानदार प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल व संचालन मयंक सुंदरियाल ने किया। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि एडवोकेट र¨वद्र रावत, मुन्नी देवी, सावित्री देवी, नेत्र ¨सह आदि मौजूद थे। वहीं मकरैंण मेला क्रिकेट प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में तल्ला बड़गांव व क्वाली के बीच पहला मुकाबला हुआ, जिसमें तल्ला बड़गांव ने जीत दर्ज की। दूसरा मुकाबला खपरोली व बड़गांव के बीच हुआ, जिसमें खपरोली विजयी रहा।