रुद्रपुर, जेएनएन : किशोरी को अगवा कर 10 दिनों तक दुष्कर्म करने वाले काशीपुर निवासी युवक वको पाक्सो न्यायाधीश विजय लक्ष्मी विहान की अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 90 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि पांच दिसंबर 2017 को उसकी 15 वर्षीय पुत्री को ग्राम नंदरामपुर थाना आईटीआई काशीपुर निवासी प्रमोद पुत्र रमेश शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस दौरान वह उसकी पुत्री को बैंगलोर ले गया और उससे 10 दिनों तक दुष्कर्म करता रहा। पुत्री के  विरोध करने पर मारपीट करता था। किशोरी की जिद करने पर 16 दिसंबर 2017 को प्रमोद उसे लेकर जैसे ही काशीपुर रोडवेज स्टेशन पर पहुंचा तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। बाद में पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल कराने के बाद पाक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही आरोपित को प्रमोद को जेल भेज दिया था। बाद में उसकी कोर्ट से उसकी जमानत हो गई थी।

इधर, आरोपी प्रमोद के विरूद्व पाक्सो न्यायाधीश विजय लक्ष्मी विहान की कोर्ट में मुकदमा चला। जिसमें एडीजीसी विकास गुप्ता ने 9 गवाह पेशकर आरोप सिद्व कर दिया। जिसके बाद पाक्सो न्यायाधीश विजय लक्ष्मी विहान ने दुष्कर्म करने वाले प्रमोद को 10 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्माने की धनराशि में से 90 प्रतिशत धनराशि पीडि़ता को दी जाए।

यह भी पढ़ें : दहेज के लिए शराब के नशे में पत्नी को बेरहमी से पीटा और मोमबत्ती से जला दिया हाथ 

यह भी पढ़ें : रुद्रपुर के मोबाइल शोरूम में हुई 40 लाख की चोरी का खुलासा, गैंग के तीन आरोपित गिरफ्तार

Posted By: Skand Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस