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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काफी दिनों से नहीं खुला था कमरा, मकान मालिक ने अंदर जाकर देखा तो होश उड़ गए

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Tue, 05 May 2020 05:49 PM (IST)

लॉकडाउन के दौरान साथियों के कमरे में ठहरे एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कमरे में मिली ...और पढ़ें

काफी दिनों से नहीं खुला था कमरा, मकान मालिक ने अंदर जाकर देखा तो होश उड़ गए
काफी दिनों से नहीं खुला था कमरा, मकान मालिक ने अंदर जाकर देखा तो होश उड़ गए

हल्द्वानी, जेएनएन : हल्द्वानी में रामपुर रोड देवलचौड़ पर एक किराएदार का कमरा काफी दिनों से नहीं खुला था। सभी किराएदार लॉकडाउन में घर चले गए थे। मकान मालिक को भी ये बात पता थी। लेकिन जब वो मंगलवार को देखने पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद मिला। खोलकर देखा गया तो एक व्यक्ति की लाश बरामद हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो राज खुला। दरअसल मृत युवक अक्सर हल्द्वानी आकर अपने दोस्तों की साथ रहता था। लॉकडाउन में उसके दोस्त घर चले गए थे और वो यहीं रह गया था। उसकी तबीयत खराब थी।

टीपीनगर चौकी इंचार्ज राहुल राठी ने बताया कि ग्वीर पोस्ट ऑफिस बेरीनाग निवासी राजेंद्र राम (45) पुत्र दुर्गाराम पेशे से चालक है। उसके गांव के तीन युवक सुरेश, दिनेश और महेश देवलचौड़ बंदोबस्ती में मुख्य मार्ग पर किराए पर रहते थे। कुछ दूरी पर मकानमालिक का परिवार रहता है। राजेंद्र अक्सर हल्द्वानी आने पर दोस्तों के कमरे में रुकता था। पुलिस के मुताबिक लॉकडाउन से पहले सुरेश, दिनेश और महेश गांव चले गए। जबकि इस बीच हल्द्वानी पहुंचा राजेंद्र चुपचाप कमरे में रहने लगा। मंगलवार सुबह गीता परिहार अपनी बिल्डिंग में पहुंची तो किराएदारों के घर जाने के बावजूद कमरा अंदर से बंद देख उसने परिवार के अन्य लोगों को बताया। दरवाजा खुलवाने पर अंदर शव देख उनके होश उड़ गए।

जिसके बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरम्वाल को सूचना दी। दरम्वाल के फोन करने पर सीओ शांतनु पराशर, कोतवाल संजय कुमार व टीपीनगर चौकी इंचार्ज राहुल राठी मौके पर पहुंच गए। राठी के मुताबिक राजेंद्र का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। बॉडी काफी पुरानी होने की वजह से उसमें दुर्गंध आ रही थी। मौके पर मिली दवाइयों व परिजनों से फोन पर बात करने पर पता चला कि वह लंबे समय से बीमार था। ऐसे में संभावना है कि लॉकडाउन के दौरान हल्द्वानी पहुंचने पर राजेंद्र अकेला कमरे में रह रहा था।

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