विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जिम कॉर्बेट के जंगल में मिला था दुनिया का सबसे लंबा किंग कोबरा, लंबाई थी 23 फुुुट नौ इंच

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Mon, 11 May 2020 04:27 PM (IST)Updated: Mon, 11 May 2020 10:30 PM (IST)

दुनिया का सबसे बड़ा किंग कोबरा जिम कॉर्बेट के जंगल में ही मिला था। 2010 में कॉर्बेट से सटे पवलगढ़ ...और पढ़ें

जिम कॉर्बेट के जंगल में मिला था दुनिया का सबसे लंबा किंग कोबरा, लंबाई थी 23 फुुुट नौ इंच
जिम कॉर्बेट के जंगल में मिला था दुनिया का सबसे लंबा किंग कोबरा, लंबाई थी 23 फुुुट नौ इंच

नैनीताल, जेएनएन : बाघों के संरक्षण के ल‍िए दुन‍ियाभर में व‍िख्‍यात उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क कि‍ंग कोबरा के वास स्‍थल के रूप में भी जाना जाता है। दुनिया का सबसे बड़ा किंग कोबरा जिम कॉर्बेट के जंगल में ही मिला था। 2010 में कॉर्बेट से सटे पवलगढ़ के जंगल में लदुवागढ़ झरने के पास कुछ महिलाओं ने एक विशाल नाग देखा। जो मर चुका था।

उन्होंने इसकी सूचना वनकर्मियों को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उस नाग को बाहर निकाला। उसकी मौत संभवत: दो से तीन दिन पहले हुई थी। नाग की लंबाई मापी गई तो वनाधिकारी स्तब्ध हो गए। 23 फुट नौ इंच लंबे किंग कोबरा पर यकीन नहीं हुआ। लंबाई दो बार पुन: मापी गई और 23 फुट नौ इंच ही निकली। यानी यह दुनिया का सबसे लंबा किंग कोबरा था। क्योंकि तब तक दुनिया का जो सबसे लंबा किंग कोबरा था उसकी लंबाई 18 फुट नौ इंच थी। तब चेन्नई के सर्प विशेषज्ञ विमल राज ने भी इस बात पर हैरत जताई और इसकी पुष्टि की कि दुनिया में इतना लंबा नाग कहीं नहीं देखा गया है।

पहली बार में तो यकीन ही नहीं हुआ 

मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते बताते हैं क‍ि पवलगढ़ में मृत मिले किंग कोबरा के परीक्षण के लिए गई वन विभाग की टीम में मैं भी शामिल था। महिलाओं की सूचना पर जब मौके पर पहुंचकर लंबाई नापी गई, तो पहली बार में यकीन ही नहीं हुआ। इसलिए तीन बार लंबाई नापी गई। 23 फुट नौ इंच का किंग कोबरा दुनिया में अब तक कहीं नहीं मिला है। तब तक सर्वाधिक लंबे किंग कोबरा की की लंबाई 18 फुट नौ इंच थी। 

मई-जून में घोसलों पर खतरा

फरवरी से प्रदेश में फायर सीजन शुरू होते ही हरियाली पर खतरा बढ़ जाता है। मई और जून में सबसे ज्यादा जंगल सुलगते हैं। जंगलों में घोंसला बनाने वाला किंग कोबरा इस दौरान सबसे ज्यादा खतरे में रहता है। संरक्षण में वनाग्नि बड़ी बाधा है। बता दें क‍ि किंग कोबरा सांपों की एक मात्र प्रजाति है जो घोंसला बनाकर रहता है। अंडा देने के छह से आठ सप्ताह तक मादा कोबरा उन पर बैठ जाती है। यह घोंसला पिरूल या घास-फूस से बना गुंबदनुमा आकार का होता है।

नार्थ इंडिया में नैनीताल में ज्यादा किंग कोबरा 

किंग कोबरा नार्थ इंडिया के मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, यूपी, दिल्ली में भी पाया जाता है। उत्तराखंड में प्रारंभिक सर्वे के दौरान इस बात के प्रमाण मिले हैं कि नैनीताल जनपद में इनकी संख्या इन पांच राज्यों के मुकाबले ज्यादा है। शोध पूरा होने पर सही आंकड़ा सामने आ जाएगा। दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट वाले इलाकों के अलावा उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी किंग कोबरा अच्छी संख्या में हैचा।

चार हाथियों की जान लेने भर का जहर   

किंग कोबरा में इतना जहर होता है कि चार हाथियों की जान ले सकता है। इसकी लंबाई उम्र के साथ ही बढ़ती रहती है। यह तीस साल तक जिंदा रह सकता है। किंग कोबरा जहरीले सांपों जैसे करैत और वाइपर का आहार करते हैं। ये कई दिन और महीनों तक भूखे भी रह सकते हैं। कभी कभी तो ये अपने मादा साथी काे भी निगल जाते हैं। किसी को काटते समय कितना जहर छोड़ा है यह उनपर निर्भर करता है। कई कोबरा अपने कद से एक तिहायी हिस्से तक खड़े हो जाते हैं। किंग कोबरा घोसला बनाकर रहता है और अपने अंडों की सुरक्षा करता है। उसकी पहचान उसके खास आकार के फन और उसके शरीर पर बनी धारियों के आधार पर होती है।

यह भी पढें 

आंधी-पानी से पेड़ उखड़े, दीवार गिरी; हादसे में तीन लोगों की मौत, एक की हालत गंभीर 

कुविवि के छात्र रहे डॉ एनके जोशी अब वहीं के कुलपति बने, जागरण से बाेले- वन रैंकिंग पर लाऊंगा 

जागरण के वेबिनार में उत्तराखंड के उद्यमियों ने कहा-टैक्स में छूट मिले और सस्ता हो कर्ज 

लेफ्टिनेंट कर्नल नीलेश कपिल का पार्थिव शरीर पहुंचा रामनगर, बेटे और बेटी ने दिया कंधा 

 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।