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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus Lockdown : पिता की तेरवीं में जाने के लि‍ए पत्‍नी और बच्चों संग दस द‍िन से लाइन में मजदूर

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Mon, 11 May 2020 01:24 PM (IST)

लॉकडाउन में फंसे बहुत सारे लोग जर-जुगाड़ कर पास बनवा ले रहे हैं लेकिन मुसीबत गरीबों और मजदूरों को हो रही है।

Coronavirus Lockdown : पिता की तेरवीं में जाने के लि‍ए पत्‍नी और बच्चों संग दस द‍िन से लाइन में मजदूर
Coronavirus Lockdown : पिता की तेरवीं में जाने के लि‍ए पत्‍नी और बच्चों संग दस द‍िन से लाइन में मजदूर

हल्द्वानी, जेएनएन : लॉकडाउन में फंसे बहुत सारे लोग जर-जुगाड़ कर पास बनवा ले रहे हैं, लेकिन मुसीबत गरीबों और मजदूरों को हो रही है। जवाहर नगर का एक मजदूर पिछले दस दिन से पत्नी व बच्चों संग चक्कर काट रहा है। पूरनपुर पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) निवासी मजदूर के पिता की दस दिन पहले मौत हो गई थी। मगर लॉकडाउन के चक्कर में वह अंतिम संस्कार में नहीं जा पाया। किराए की टैक्सी करने के पैसे नहीं होने के कारण वह अटका हुआ है। उसका कहना है कि वह किसी सब्जी की गाड़ी में घर चला जाएगा। हालांकि, उसके लिए पास मिलने में दिक्कत आ रही है।

पास बनाने को लेकर प्रक्रिया अब कुछ आसान कर दी गई है लेकिन फिर भी कुछ लोगों को पास नहीं मिल पा रहा है। रोडवेज स्टेशन के पास भटक रहे छोटे पुत्र मिडई ने बताया कि वह मूल रूप से पूरनपुर के सुल्तानपुर पिपरा का रहने वाला है। पत्नी व पांच बच्चों संग हल्द्वानी में मजदूरी करता है। दस दिन पहले गांव में बीमारी की वजह से पिता की मौत हो गई। इधर, काम बंद होने से परिवार के सामने खाने के लाले पड़ गए। मजदूर का कहना है कि अंतिम समय में वो पिता के दर्शन नहीं कर सका। अब तेरवी में शामिल होना चाहता है। मगर, आर्थिक तंगी के कारण उसके पैसे टैक्सी का किराया नहीं है। अगर पास मिल जाए तो ट्रक में बैठकर घर चला जाऊंगा।

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