जनजाति युवक के साथ अमानवीय व्यवहार करने पर महिला रेंजर समेत वन कर्मचारियों पर मुकदमा
अपराध कुबूलने के लिए कथित तौर पर थर्ड डिग्री देने के मामले में राजस्व पुलिस ने महिला वन क्षेत्राधिकारी समेत अन्य वन कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
नैनीताल, जेएनएन : आरक्षित वन क्षेत्र में तस्करी के आरोप में पकड़े गए जनजाति युवक को अपराध कुबूलने के लिए कथित तौर पर थर्ड डिग्री देने के मामले में राजस्व पुलिस ने महिला वन क्षेत्राधिकारी समेत अन्य वन कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही जांच शुरू कर दी है। जुर्म कुबूलने के लिए युवक के नाखून तक खींच लिए गए थे।
शुक्रवार को गांव बूंदी, धारचूला पिथौरागढ़ निवासी भाष्कर बुदियाल पुत्र पदम सिंह ने राजस्व पुलिस में तहरीर दी थी। कहा कि वह पंगूठ- विनायक क्षेत्र में घूमने गया था कि विनायक वन विश्राम घर के समीप वन कर्मचारियों ने पकडऩे के साथ ही रेंजर की मौजूदगी में पिटाई कर अधमरा कर दिया। आरोप लगाया था कि रेंजर द्वारा अपराध कुबूलने के लिए पिटाई करवाई गई और यहां तक कि बेवजह चालान काट दिया। पट्टी पटवारी सौड़ आशा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रेंजर तनुजा परिहार समेत स्टाफ के खिलाफ धारा-324, 504, एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच शुरू कर दी गई है। डीएफओ बीजू लाल टीआर का कहना है कि वन कर्मचारियों ने युवक के साथ मारपीट नहीं की। कहा कि उसे गिरकर चोट लगी है। डीएफओ ने कहा कि पूरे मामले की वह खुद जांच कर रहे हैं।
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