नैनीताल, [जेएनएन]: 21 सप्ताह की गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता ने गर्भपात के लिए हाई कोर्ट में गुहार लगाई। पीड़िता को 16 जून को नारी निकेतन हल्द्वानी से उसकी मां को सौंपा गया था। 

नारी निकेतन से बाहर आने के बाद चिकित्सकीय परीक्षण में 21 हफ्ते का गर्भ होने की पुष्टि हुई। पीड़िता व उसके परिजनों द्वारा गर्भपात कराने के लिए चिकित्सक से संपर्क किया तो चिकित्सक द्वारा साफ कह दिया गया कि 20 हफ्ते के बाद गर्भपात कराना कानूनन सही नहीं है।

पीड़िता ने हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर गर्भपात की अनुमति देने की गुहार लगाई है। हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को तीन वरिष्ठ चिकित्सकों का पैनल गठित कर गर्भ की व्यापक जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। 

कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सीएमओ द्वारा चिकित्सकों के पैनल का गठन किया जा चुका है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद अगली सुनवाई 11 जुलाई नियत कर दी।

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Edited By: Bhanu