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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दरिंदों की नजर में "गौरा", शोपीस बन गई Uttarakhand Police की एप

Published: Tue, 27 Aug 2024 04:28 PM (IST)

Gaura Shakti App कुमाऊं में पिछले दो साल में केवल 150 महिलाओं ने गौरा शक्ति एप में शिकायत की है ...और पढ़ें

Gaura Shakti App: पुलिस ने वर्ष 2021 में किया था लांच। File Photo
Gaura Shakti App: पुलिस ने वर्ष 2021 में किया था लांच। File Photo

HighLights

  1. पुलिस ने सुरक्षा कवच बताकर वर्ष 2021 में लांच किया था गौरा शक्ति एप
  2. जानकारी का अभाव होने पर महिलाएं व युवतियां एप पर नहीं कर पा रहीं शिकायतें

दीप बेलवाल, जागरण हल्द्वानी । Gaura Shakti App: गौरा शक्ति एप। पुलिस ने वर्ष 2021 में युवतियों के लिए सुरक्षा कवच बताकर इसे लांच किया था। शुरुआत में इसका खूब प्रचार-प्रसार किया, लेकिन बाद में एप के बारे में जागरूकता नहीं फैलाई गई। यही कारण है कि एप पर शिकायतें नहीं आ रही हैं।

कुमाऊं में पिछले दो साल में केवल 150 महिलाओं ने गौरा शक्ति एप में शिकायत की है, जबकि घरेलू हिंसा, दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मामले तेजी से बढ़े हैं।  हल्द्वानी से लेकर अल्मोड़ा तक व रुद्रपुर से लेकर चंपावत तक बेटियों व महिलाओं से छेड़छाड़ व दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं।

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महिलाएं घरेलू हिंसा की भी शिकार

तमाम महिलाएं घरेलू हिंसा का भी शिकार हो रही हैं। सड़क पर चलते समय व वाहनों में सफर के दौरान उनके साथ होने वाली घटनाएं तत्काल पुलिस तक पहुंचे, इसके लिए सितंबर 2021 में पुलिस ने गौरा शक्ति एप लांच किया था। इसका शुभारंभ सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया था।

आधुनिकीकरण के दौर में पुलिस इस एप को लांच करने के बाद अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही थी और दावा किया जा रहा था कि एप के जरिये बेटियों व महिलाओं को तुरंत मदद मिलेगी, मगर हकीकत यह है कि महिलाओं व बेटियों को एप के बारे में सही जानकारी तक नहीं है।

कई बार एप सही काम तक नहीं कर पाता। पुलिस ने इसका प्रचार-प्रसार भी कुछ समय करने के बाद रोक दिया। स्कूल व कालेजों में इस एप के बारे में जाकर बताया जाए तो निसंदेह एप का सही प्रयोग होगा। शिकायतें आएंगी और न्याय भी मिलेगा।

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इस तरह बढ़ रही वारदात

केस-1

30 जुलाई की रात को रुद्रपुर से सटे बिलासपुर के डिबडिबा क्षेत्र में महिला नर्स के साथ दुष्कर्म हुआ था। आरोपित ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की व सामान लूटकर भाग गया था। नर्स का शव आठ अगस्त को बरामद हुआ था।

केस-2

24 अगस्त को मुखानी क्षेत्र में एक युवती बाजार से घर लौट रही थी। बाइक सवार ने उसका पीछा कर छेड़छाड़ की। युवती का कहना था कि उसे गौरा शक्ति एप के बारे में जानकारी नहीं थी। जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।

केस-3

काशीपुर में तीन दिन पहले स्कूल जा रही छात्राओं का एक मनचले ने पीछा किया था। छात्राओं का कहना था कि उन्होंने पुलिस ने आनलाइन शिकायत करने का प्रयास किया, मगर सफल नहीं रहीं। इसलिए थाने पहुंचकर आरोपित की करतूत बताई थी।

केस-4

25 अगस्त को बेतालघाट में 72 साल के बुजुर्ग ने घर में घुसकर दो साल की मासूम के साथ दुष्कर्म किया। मासूम घर पर अकेली थी। उसकी चीख-पुकार सुनकर स्वजन घर पहुंचे थे। पुलिस आरोपित को पकड़ चुकी है।

इस साल कुमाऊं में दर्ज दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मामले

  • नैनीताल - 130
  • धम सिंह नगर- 239
  • अल्मोड़ा- 99
  • चंपावत- 101
  • पिथौरागढ़- 82
  • बागेश्वर- 73 (नोट- यह आंकड़े डीआइजी कार्यालय से उपलब्ध हैं।)

प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं गौरा शक्ति एप

महिलाएं अपने स्मार्टफोन में प्ले स्टोर से गौरा शक्ति एप डाउनलोड कर सकती हैं। आपातस्थिति में एप में दिए लाल बटन को टच करना होगा। इससे आपातकालीन नंबर 112 के कंट्रोल रूम में शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर और लोकेशन पहुंच जाएगी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचेगी।

गौरा शक्ति एप सुरक्षा कवच के रूप में काम कर रहा है। पुलिस अधिकारी इसकी मानिटरिंग करते हैं। समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसमें युवतियां व महिलाएं किसी भी तरह की परेशानी में होने पर शिकायत कर सकती हैं।-  डा. नीलेश आनंद भरणे, पुलिस प्रवक्ता