अल्मोड़ा/ रामनगर, जेएनएन : कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के मंदाल रेंज में टस्कर और ज्यादा हिंसक हो उठा है। बौखलाए टस्कर ने रामनगर भौनखाल रोड पर यात्रियों से भरी बस पर ही हमला बोल दिया। आक्रामक हाथी को करीब आता देख पुरुष यात्री वाहन से उतर भागने लगे, जबकि महिला यात्रियों में चीख पुकार मच गई। इसी दौरान जीआइसी हरड़ा नेवलगांव (सल्ट ब्लॉक) में तैनात शिक्षक को हाथी ने सूंड से लपेट सड़क पर पटक दिया। कुछ ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

घटना शनिवार सुबह करीब 6:20 बजे की है। केमू की बस यूके 04 पीए 0249 रोजाना की तरह प्रात: पांच बजे भराड़ी कपकोट (बागेश्वर) के लिए रवाना हुई। इसमें सल्ट ब्लॉक स्थित जीआइसी हरड़ नेवलगांव (अल्मोड़ा) में तैनात संस्कृत के प्रवक्ता गिरीश चंद्र पांडे (50) पुत्र स्व. जयदत्त पांडे निवासी मोहल्ला भरतपुरी रामनगर (नैनीताल) भी बैठे। रामनगर भौनखाल रोड पर कालागढ़ के चिममटाखाल से दो किमी पहले गुस्साया टस्कर बस की ओर दौड़ा चला आया। चूंकि इसी क्षेत्र में बीती शुक्रवार को भी टस्कर ने दो बस व एक जीप पर हमला बोला था। लिहाजा यात्री घबरा गए। चालक ने वाहन रोक लिया। पुरुष यात्री जान बचाने के लिए बस से उतरकर भागने लगे, इसी बीच शिक्षक गिरीश चंद्र को टस्कर ने बस से उतरते ही सूंड से लपेट सड़क पर पटक दिया। टस्कर ने बस के अगले शीशे चकनाचूर कर डाले। बस के भीतर डरी सहमी महिलाएं रोने बिलखने लगीं। कुछ देर बाद बौखलाया टस्कर जंगल की ओर बढ़ा। तब चालक व अन्य यात्रियों ने शिक्षक को बस में बैठा पानी पिलाया और परिजनों को सूचना दी। कार से रामनगर चिकित्सालय ले जाया गया, मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। सीटीआर के उपनिदेशक चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि जो भी उचित मुआवजा होगा परिजनों को दिया जाएगा। हमलावर टस्कर को चिह्निïत कर रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिये काबू पाने के बाद दूर जंगल में भेजा जाएगा।

टस्कर हाथी के हमले में हथिनी की मौत

रामनगर : कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में टस्कर हाथी के हमले में एक हथिनी की जान चली गई। उसका शव सड़ी- गली हालत में पड़ा मिला। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव दफ ना दिया गया। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना रेंज बम्बो स्रोत में वन कर्मियों ने गश्त के दौरान एक हाथी का शव पड़ा देखा।  शव खराब होने लगा था। वन कर्मियों की सूचना पर झिरना रेंज के प्रशांत हिन्दवान मौके पर पहुंचे। शव का निरीक्षण किया। हाथी की उम्र 15 साल आंकी गई है। शव चार से पांच दिन पुराना है। वनाधिकारियों की निगरानी में सीटीआर के पशु चिकित्सक दुष्यंत शर्मा ने हथिनी के शव का पोस्टमार्टम किया। शव के अंगों के सैंपल फ ॉरेंसिक जांच के लिए आइवीआरआई बरेली भेजे जाएंगे। पशु चिकित्सक शर्मा ने बताया कि हथिनी के शरीर में टस्कर हाथी के हमले के निशान पाए गए हैं। नवम्बर से प्रजनन काल शुरू हो जाता है। जिसमें हाथियों के बीच ऐसे हमलों की घटनाएं बढ़ती है।

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Posted By: Skand Shukla

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