नैनीताल में सत्यापन के दौरान संदिग्ध मिले प. बंगाल के तीन परिवार, जांच में जुटी पुलिस
उत्तराखंड में रोहिंग्या मुसलमानों की खुफिया रिपोर्ट के मद्देनजर पुलिस ने प्रदेश व्यापी सत्यापन अभियान चलाया हुआ है। बिना सत्यापन के पाए जाने पर पुलिस ने कई जगहों पर चालान काटा है। वहीं नैनीताल में तीन परिवार प. बंगाल के संदिग्ध रूप से रहते पाए गए हैं।

जागरण संवाददाता, नैनीताल: Uttarakhand Verification Drive: उत्तराखंड में रोहिंग्या मुसलमानों के घुसपैठ का खुफिया विभाग ने इनपुट दिया है। इसी आधार पर प्रदेश में पुलिस ने सत्यापन अभियान चलाया हुआ है। पुलिस सत्यापन अभियान दस दिन तक चलेगा।
नैनीताल में 21 मार्च को तल्लीताल क्षेत्र में पश्चिम बंगाल के तीन संदिग्ध परिवार बिना सत्यापन रहते हुए मिले। पुलिस ने इन परिवारों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही बिना सत्यापन किराएदार रखने पर दो भवन स्वामियों के खिलाफ 10-10 हजार का चालान किया है। चम्पावत में सीएम धामी का कार्यक्रम होने के नाते वहां छोड़कर पूरे कुमाऊं में सत्यापन अभियान चलाया गया। कई जिलों में बिना सत्यापन के रहना पाए जाने पर गृह स्वामियों पर भारी जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
नैनीताल में सीओ संदीप नेगी के नेतृत्व में पुलिस और एलआइयू टीम सत्यापन कर रही है। गुरुवार को तल्लीताल थाना और मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने अलग-अलग क्षेत्रों में सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान कोतवाली पुलिस ने 51 लोगों के सत्यापन किये।
वहीं, तल्लीताल पुलिस ने हरीनगर बूचड़खाना क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाया। यहां पर पुलिस को पश्चिम बंगाल के तीन परिवार बिना सत्यापन के रहते मिले।
एसओ रोहिताश सिंह सागर ने बताया कि बिना सत्यापन किराएदार रखने पर तल्लीताल निवासी अब्दुल वहाब और मोहम्मद असगर के खिलाफ 10-10 हजार की चालानी कार्रवाई की गई है। साथ ही पश्चिमी बंगाल के परिवारों से पूछताछ की जा रही है।
बिना सत्यापन नहीं लगेंगे फड़
पुलिस और पालिका टीम द्वारा मल्लीताल पंत पार्क में भी सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान सीओ ने फड़ संचालन कर रहे लोगों को अनिवार्य रूप से सत्यापन करा लेने के निर्देश दिए। साथ ही चेताया कि यदि बिना सत्यापन फड़ संचालन होता पाया गया तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ध्यान रहे कि उत्तराखंड की सीमा चीन व नेपाल से सटी होने के कारण काफी संवेदनशील हैं। वहीं पूर्व में खुफिया विभाग ने नेपाल सीमा पर भारी मात्रा में गैर समुदाय के लोगों को योजना के तहत बसाए जाने से डेमोग्राफिक बदलाव भी आ गया है। ऐसे में उत्तराखंड पुलिस अलर्ट है।
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