यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Coronavirus : लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर बढ़ी सतपाल महराज की मुसीबत, कोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
कोर्ट पूछा कि जब आम लोगों पर आइपीसी की धारा 188307 समेत अन्य धाराओं में मुकदमा किया जा रहा है तो सतपाल महराज क्यों बचाया जा रहा है।

जेएनएन, नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को क्वारंटीन नियमों के उल्लंघन मामले में नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश जारी किया है। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मंत्री के साथ ही राज्य सरकार डीएम व एसएसपी देहरादून को भी नोटिस जारी कर तीन हफ्तों में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट पूछा कि जब आम लोगों पर आइपीसी की धारा 188,307 समेत अन्य धाराओं में मुकदमा किया जा रहा है तो इनको क्यों बचाया जा रहा है। यह भी कहा कि कहीं संवैधानिक पद पर होने के चलते तो सरकार इनको नहीं बचना चाहती है।
.jpg)
दरअसल, 20 मई को मंत्री सतपाल महाराज के घर पर सभी लोगों को होम क्वारंटीन का नोटिस चस्पा किया था, जिसकी अवधि तीन जून तक थी। मगर इसके बाद महाराज ने बिना किसी को क्वारन्टीन की जानकारी के 21 मई को कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया तो 25 से 27 मई तक अपनी विधानसभा में भ्रमण करते रहे। लौटने के बाद महाराज ने 29 को दूसरी कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया तो इसके बाद परिवार के लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई, जिनको एम्स ऋषिकेश में भर्ती करना पड़ा।

कैबिनेट मन्त्री के परिवार में कोरोना की पुष्टि होने के बाद कई अधिकारियों और मंत्रियों को भी क्वारंटीन होना पड़ा। अब देहरादून के उमेश कुमार ने जनहित याचिका दाखिल कर मंत्री पर भी एफआइआर दर्ज करने की मांग है। याचिका में कहा गया है कि जब आम नागरिकों पर क्वारंटीन नियमों के उल्लंघन में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं तो महाराज का क्यों कार्रवाई नहीं हो रही है।
