देहरादून, जेएनएन। काबीना मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को ऋषिकेश एम्स से घर के लिए डिस्चार्ज करना व फिर आधे रास्ते से बुलाकर अस्पताल में भर्ती करना, पहेली बन गया है। इस रहस्य पर पर्दा पड़ा है कि एम्स प्रशासन ने किसके कहने पर महाराज के स्वजनों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया और फिर आनन-फानन में दोबारा भर्ती भी करा दिया।

सतपाल महाराज, उनके परिवार के पांच सदस्य व स्टाफ के लोग रविवार को एम्स में भर्ती कराए गए थे। सोमवार की रात को पांच सदस्यों के एसिम्टोमैटिक पाए जाने पर एम्स प्रशासन ने उन्हें बिना राज्य सरकार की संस्तुति के घर के लिए डिस्चार्ज कर दिया। एम्स प्रशासन ने यह जानने की भी कोशिश नहीं की कि जिन लोगों को डालनवाला क्षेत्र के जिस आवास के लिए डिस्चार्ज किया जा रहा है, उस पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है। 

यदि एम्स प्रशासन राज्य सरकार व जिला प्रशासन को जानकारी देता तो शायद इस तरह के असामान्य हालात ही पैदा न होते। सतपाल महाराज के प्रकरण के परिपेक्ष्य में मुख्य सचिव से लेकर जिलाधिकारी ने भी अपने-अपने स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं, मगर जो चूक एम्स प्रशासन के स्तर से की गई और फिर अपने स्तर पर ही उसे सुधारने का भी प्रयास किया गया, उसकी असल तस्वीर आना अभी बाकी है।

एम्स की सफाई: केयर करने वाले नहीं थे महाराज के घर पर

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के पांच स्वजनों को डिस्चार्ज कर दोबारा भर्ती किए जाने के मामले को लेकर एम्स प्रशासन ने सफाई दी। कहा, कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के स्वजनों के पास केयर गिवर (मरीजों की देखभाल करने वाला) न होने के कारण उन्हें दोबारा भर्ती करना पड़ा।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, उनकी पत्नी अमृता रावत और उनके दो पुत्र, दो पुत्रवधू, और पौत्र को कोरोना संक्रमित की पुष्टि होने के बाद रविवार को एम्स में भर्ती किया गया था। सोमवार शाम को एम्स के संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्र ने बताया था कि सभी सदस्यों की विस्तृत जांच की गई। 

इसमें पर्यटन मंत्री के दोनों पुत्र, दोनों बहुएं और पौत्र एसिम्टमेटिक पाए गए, लिहाजा ऐसे मरीज जिनमें कोरोना लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय की गाइडलाइन और स्वजनों के आग्रह पर डिस्चार्ज कर होम क्वारंटाइन भेज दिया गया है। कुछ ही देर बाद इन सभी लोगों को आधे रास्ते से बुलाकर दोबारा भर्ती किया गया। 

इस मामले में सफाई देते हुए एम्स निदेशक के स्टाफ ऑफिसर डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि पर्यटन मंत्री के स्वजनों को डिस्जार्च करने के बाद पता चला कि उसके घर पर होम क्वारंटाइन में रहने की समुचित सुविधाएं नहीं हैं। जबकि कोरोना संक्रमित लोगों की देखभाल के लिए केयर गिवर का 24 घंटा उपलब्ध होना जरूरी है। 

डिस्चार्ज होने के समय पर्यटन मंत्री के स्वजनों ने सभी व्यवस्था होने की जानकारी दी थी। यहां से चले जाने के बाद मंत्री के स्वजनों ने बताया कि उनके केयर गिवर ने ऐसी परिस्थिति में काम करने से इन्कार कर दिया है।

आधी रात को एम्स से अभिनेत्री मोहिना ने लिखा मार्मिक संदेश

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की छोटी बहू अभिनेत्री मोहिना कुमारी ने कोरोना पॉजिटिव होने के बाद एम्स ऋषिकेश से मंगलवार देर रात एक मार्मिक संदेश लिखा। उन्होंने परिवार के बुजुर्गो और सबसे छोटे सदस्यों के शुरुआती दिन मुश्किल भरे बताए। 

रविवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनके परिवार व स्टॉफ के 22 सदस्यों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सभी को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। कैबिनेट मंत्री की छोटी बहू अभिनेत्री मोहिना कुमारी भी कोरोना पॉजिटिव पाई गईं। मोहिना कुमारी ने धारावाहिक ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में कीर्ति का किरदार निभाया था। 

देर रात मोहिना ने अपने इंस्ट्राग्राम अकाउंट में एक मार्मिक पोस्ट लिखी। उन्होंने लिखा है कि ‘सो नहीं सकती, शुरुआत के ये दिन काफी मुश्किल भरे हैं। खासकर की जो घर के सबसे यंग और बड़े लोग हैं, लेकिन मैं प्रार्थना कर रही हूं कि जल्दी सब ठीक हो जाए।

संक्रमित के लिए होम क्वारंटइन की ये हैं शर्तें

-मेडिकल ऑफिसर की सलाह पर मिलेगा होम क्वारंटाइन।

-घर पर होनी चाहिए सेल्फ आइसोलेशन की सुविधा।

-सात दिन 24 घंटा उपलब्ध होना चाहिए केयर गिवर (देखभाल करने वाला)। 

-केयर गिवर निरंतर मरीज और हॉस्पिटल के संपर्क में रहेगा।

-केयर गिवर और नजदीकी संपर्क वालों को चिकित्सक की सलाह पर लेनी होगी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा।

-आरोग्य सेतु डाउनलोड होने के साथ हमेशा सक्रिय रहे।

-डिस्टिक सर्विलांस ऑफिसर को बराबर सूचना देना जरूरी।

-मरीज अंडरटेकिंग भरेगा और सभी शर्तों का पालन करेगा।

-किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर मरीज को अस्तपताल आना होगा।

-सैंपल लेने और रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी 17 दिन तक होम क्वारंटाइन जरूरी।

काबीना मंत्री के स्वजन नहीं होंगे डिस्चार्ज

काबीना मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच कोरोना पॉजिटिव सदस्यों (दो पुत्र, दो पुत्रवधू व एक पौत्र) को ऋषिकेश एम्स से डिस्चार्ज करने के मामला का संज्ञान जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोरोना संक्रमित काबीना मंत्री सतपाल महाराज, उनकी पत्नी व पूर्व मंत्री अमृता रावत समेत उनके स्वजनों व स्टाफ को घर जाने के लिए डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। इतना जरूर है कि एसिम्टोमैटिक होने पर महाराज के स्वजनों को कोविड केयर सेंटर में भेजा जा सकता है। इस पूरे प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी ने एम्स प्रशासन को कड़ी हिदायत भी जारी कर दी है। ताकि भविष्य में इस तरह की अव्यवस्था पैदा न हो।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक, सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को अचानक घर के लिए डिस्चार्ज करने व फिर आधे रास्ता से वापस बुलाकर अस्पताल में भर्ती करने पर एम्स प्रशासन से तत्काल जवाब मांगा गया।

जवाब में एम्स प्रशासन ने सिर्फ केंद्र की गाइडलाइन का जिक्र किया है, जबकि इस संबंध में राज्य व जिला स्तर पर किसी तरह की संस्तुति नहीं ली गई। ऐसी स्थिति पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ तभी प्रभावी रूप से काम किया जा सकता है, जब सभी एजेंसी एक टीम के रूप में काम करें।

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होटल में बन सकता है केयर सेंटर

कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के एसिम्टोमैटिक होने पर उन्हें घर भेजने का नियम राज्य सरकार ने लागू नहीं किया है। ऐसे लोगों के लिए कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति सरकार के केयर सेंटर से इतर के सेंटर में जाने का इच्छुक है तो इसके लिए उसे निजी स्तर पर खर्च करना होगा। 

जिला प्रशासन के अनुसार, इस तरह के लोगों के लिए होटल में कोविड केयर सेंटर स्थापित किया जा सकता है। हालांकि, इस पर आने पर पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति को स्वयं वहन करना होगा।

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Posted By: Bhanu Prakash Sharma

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