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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रुद्रपुर में घटिया क्वालिटी के किट पहनकर जांच कर रहे डॉक्टर, गुणवत्ता की बात केवल हवा-हवाई

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Tue, 26 May 2020 12:07 PM (IST)

कोरोना वॉरियर्स के सम्मान की जहां हर तरफ चर्चा है वहीं उन्हें उत्तम गुणवत्ता के उपकरण देने को लेकर जिम्मेदार ही मौन हैं।

रुद्रपुर में घटिया क्वालिटी के किट पहनकर जांच कर रहे डॉक्टर, गुणवत्ता की बात केवल हवा-हवाई
रुद्रपुर में घटिया क्वालिटी के किट पहनकर जांच कर रहे डॉक्टर, गुणवत्ता की बात केवल हवा-हवाई

हल्द्वानी/रुद्रपुर, जेएनएन : कोरोना वॉरियर्स के सम्मान की जहां हर तरफ चर्चा है, वहीं उन्हें उत्तम गुणवत्ता के उपकरण देने को लेकर जिम्मेदार ही मौन हैं। संक्रमण के लिहाज से बेहद संवेदनशील ऊधमसिंह नगर जिले में ही स्वास्थ्य विभाग के तमाम डॉक्टरों को घटिया पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) किट उपलब्ध करा दी गई है। इससे भी बड़ा आश्चर्य यह है कि पीपीई किट की क्वालिटी के बारे में संबंधित डॉक्टरों को भी पूरी जानकारी तक नहीं है।

 

डबल जिप की पीपीई किट होनी चाहिए

मानक के अनुसार डबल जिप की पीपीई किट होनी चाहिए, लेकिन जिला अस्पताल में सिंगल जिप की ही किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा तमाम अन्य मानक भी हैं, जिनके बारे में संबंधित अधिकारियों को भी जानकारी नहीं है। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तारा दत्त रखोलिया ने बताया कि सिंगल जिप की ही पीपीई किट उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में सुरक्षा के लिए चिकित्सक पहले ही कपड़े का गाउन पहनता है, उसके ऊपर से पीपीई किट पहन रहे हैं। जिससे संक्रमण का किसी भी प्रकार से खतरा न उत्पन्न होने पाए। एसीएमओ डॉ. उषा जंगपांगी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई करीब साढ़े छह हजार पीपीई किट मौजूद है। जिसमें चिकित्सा कार्य के लिए गुणवत्ता पूर्ण पीपीई किट दी जा रही है।

 

ये है पीपीई किट के मानक

  • सिलाई पर लगने वाला टेप उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए
  • डबल जिप का प्रयोग होना चाहिए
  • जिल फ्लैप कर ऊपर टेपिंग भी होनी चाहिए
  • स्टरलाइज करने के बाद उत्तम क्वालिटी के बैग में रखा होना चाहिए
  • चश्मा थ्री एम या अच्छी कंपनी का होना चाहिए
  • डिस्पोजल बैग भी अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए

जांच को नहीं सुविधा

ऊमधसिंह नगर हो नैनीताल जिला, कहीं पर भी पीपीई किट की गुणवत्ता जांचने की कोई व्यवस्था नहीं है। कंपनियां जिस तरह की किट उपलब्ध करा दे रही हैं। अस्पताल प्रबंधन किट लेकर डॉक्टरों को उपलब्ध करवा दे रहे हैं।सीएमओ, ऊधमसिंह नगर डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि सिंगल जिप की पीपीई किट उपलब्ध कराई गई है। यह नहीं पता कि सिंगल जिप होती है या डबल जिप। डॉ. सुशील तिवारी अस्पताल हल्द्वानी से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपीई किट मिली है। मानक के तहत ही किट्स हैं।

पीपीई किट खरीद पर सोशल मीडिया पर हो रही तीखी प्रतिक्रिया

राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी की ओर से घटिया पीपीई किट खरीद प्रकरण की जांच को ठंडे बस्ते पर डालने की खबर को जागरण ने प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही इस खबर पर फेसबुक पर भी लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरोज आनंद जोशी ने टिप्पणी कर कहा है कि स्वास्थ्य कर्मियों के स्वास्थ्य से खिलवाडृ गंभीर अपराध है, लेकिन इस पर न ही बहस और न ही चर्चा हो रही है। जगदीश ग्रामीण कहते हैं, संकट में भ्ीा लूट हो रही है। इसके साथ ही तमाम लोगों ने इस तरह की घटिया क्वालिटी की किट परचेज किए जाने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

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