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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुबह सात से शाम चार बजे तक अब पास जरूरी नहीं, बाइक और कार से आ-जा सकेंगे

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Thu, 14 May 2020 05:19 PM (IST)

नैनीताल जिले के भीतर सुबह सात से शाम चार बजे तक आवागमन के लिए किसी भी तरह की पास की आवश्यकता नहीं होगी।

सुबह सात से शाम चार बजे तक अब पास जरूरी नहीं, बाइक और कार से आ-जा सकेंगे
सुबह सात से शाम चार बजे तक अब पास जरूरी नहीं, बाइक और कार से आ-जा सकेंगे

हल्द्वानी, जेएनएन : नैनीताल जिले के भीतर सुबह सात से शाम चार बजे तक आवागमन के लिए किसी भी तरह की पास की आवश्यकता नहीं होगी। जरूरी काम के लिए बिना पास के आवागमन की अनुमति होगी। हालांकि आवागमन के दौरान कुछ एहतियात बरतने जरूरी होंगे।

डीएम सविन बंसल ने बताया कि जरूरी काम के लिए सुबह सात से शाम चार बजे तक प्रशासन से पास लेने की जरूरत नहीं है। इस दौरान दोपहिया या चौपहिया वाहन से नैनीताल जिले के भीतर बिना पास के आवागमन कर सकते हैं। वाहनों में फिजिकल डिस्टेंस व सैनिटाइजर के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। चार पहिया वाहन में चालक के साथ दो अन्य व्यक्तियों को ही बैठने की अनुमति होगी। सुबह सात से शाम चार बजे के दौरान पुलिस अनावश्यक रूप से किसी को नहीं रोकेगी। वहीं, मेडिकल इमरजेंसी में शाम चार बजे बाद भी पास की जरूरत नहीं होगी।

मजदूरों की रवानगी जारी, लोकल से लिया जाएगा काम

गौला में काम करने वाले मजदूरों के घर लौटने का क्रम जारी है। बुधवार शाम काठगोदाम से दो बस और भरकर निकली। रात तक कुछ बसें और जाएंगी। वहीं, श्रमिकों के संकट को देखते हुए वन निगम लोकल लोगों से काम करवाने को भी तैयार है। बनभूलपुरा के 250 लोग निकासी गेट पर पहुँचे भी। हालांकि, अभी इन्हें काम नहीं मिला। मगर भविष्य में मजदूर संकट खड़ा होने पर इनसे नदी में फावड़े-बेलचे चलवाए जाएं गे।

खुद चंदा लगाकर घर जा रहे हैं मजदूर 

लॉकडाउन के बाद से खनन से जुड़े श्रमिक घर जाने की जिद पर अड़े थे, लेकिन सरकारी व्यवस्था के तहत इन्हें नहीं भेजा गया। जिसके बाद मजदूर आपस में किराए के पैसे जुटाकर घर जाने लग गए। अभी तक पांच बस से यह लोग बिहार रवाना हो चुके हैं। वहीं, वन निगम के अफसरों का कहना है कि फिलहाल खनन को लेकर स्थिति ठीक है। जरूरत पड़ने पर इच्छुक स्थानीय लोगों को भी काम पर रखा जाएगा।

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