यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड रोडवेज की 439 अनुबंधित बसों की निगरानी का जिम्मा परिचालकों पर, चालक के लापरवाही बरतने पर डिपो को देंगे जानकारी
उत्तराखंड रोडवेज के अलग-अलग डिपो में इस समय 439 गाड़ियों अनुबंध के तहत संचालित हो रही है। निगम का कहना ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। वोल्वो, एसी और सीएनजी के अलावा कई साधारण बसें भी रोडवेज के साथ अनुबंध के तौर पर जुड़ी है यानी यह किसी निजी कंपनी या व्यक्ति की गाड़ियों है। रोडवेज से अनुबंध होने पर इन्हें किमी के हिसाब से पैसा मिलता है। इनमें चालक तो मालिक का होता है जबकि परिचालक निगम का। वहीं, इन अनबुंधित बसों के चालकों को लेकर लगातार परिवहन निगम मुख्यालय के पास शिकायतें पहुंच रही है।
अब निगम ने आदेश जारी किया कि रोडवेज के परिचालक रूट पर जाने के बाद हर गतिविधि की निगरानी करेंगे। चालक के लापरवाही बरतने पर सीधा डिपो को जानकारी देंगे। उसके बाद कार्रवाई भी होगी।
उत्तराखंड रोडवेज के अलग-अलग डिपो में इस समय 439 गाड़ियों अनुबंध के तहत संचालित हो रही है। निगम का कहना है कि रास्ते में निर्धारित बस स्टाप से दूरी बनाना, अनुबंधित ढाबों पर गाड़ी न रोकना, यात्रियों संग अभद्र व्यवहार करना, तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम बजाने के अलावा धूम्रपान करने की शिकायतें भी उस तक पहुंच रही है।
इसके अलावा गलत तरीके से सामान भर निगम को आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में जीएम दीपक जैन ने सभी एआरएम को निर्देश दिए हैं कि अपने परिचालकों से इन गाड़ियों की लगातार निगरानी करवाए। ताकि प्रमाण मिलने पर कार्रवाई करने में दिक्कत न आए।
