रामनगर, जेएनएन : वन्य जीवों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण (एनटीसीए) ने देशभर के टाइगर रिजर्व में जिप्सी चालकों के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। इसके तहत अब जिप्सी चालक पर्यटकों को कम से कम 500 मीटर दूर से ही वन्यजीवों की झलक दिखाएंगे, ताकि किसी प्रकार के टकराव की नौबत ही न आए। निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व रामनगर राहुल ने बताया कि एनटीसीए से इस आशय का पत्र प्राप्त हो गया है। इस संदर्भ में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अब तक 50 मीटर दूरी निर्धारित थी

अक्सर जंगल सफारी के दौरान जिप्सी चालक पर्यटकों के आग्रह पर वाहनों को लेकर वन्यजीवों खासकर बाघ के काफी पास तक पहुंच जाया करते हैं। अब तक निर्धारित दूरी का मानक 50 मीटर तक था। ऐसे में वाहनों व पर्यटकों की भीड़ और शोरशराबा होने से वन्यजीवों के आराम में खलल तो पर्यटकों के लिए भी अनहोनी की आशंका होती है। कई बार हाथी या बाघ वाहनों पर हमला कर बैठते हैं।

12 फरवरी को जारी हुआ इस आशय का पत्र

एनटीसीए के एडिशनल डीजी डॉ. अनूप कुमार नायक ने 12 फरवरी को देश के सभी प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव को जारी पत्र में इस आशय का पत्र जारी किया है। पत्र के माध्यम से वन्यजीवों और पर्यटकों के बीच एक निश्चित दायरा बनाए रखने पर जोर दिया गया है। कॉर्बेट पार्क में सफारी के दौरान पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों द्वारा पर्यटकों पर हमला करने की घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। निर्देशों में कहा गया है कि जानवरों से निश्चित दूरी बनाए रखने के साथ यह भी ध्यान रखा जाए कि पर्यटक उत्साहित होकर भीड़ लगाते हुए शोरगुल न करें।

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