यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एनजीटी कोर्ट ने प्रदूषण बोर्ड के नियमों की अनदेखी पर डीएम से मांगी रिपोर्ट, जानें पूरा मामला
एनजीटी ने हिमालयन फूड पार्क स्थापना में खामियों को लेकर व तय नियमों की अनदेखी पर एनजीटी ने एक सप्ताह में डीएम व पीसीबी से रिपोर्ट मांगी है।

काशीपुर, जेएनएन : काशीपुर निवासी एक व्यक्ति की ओर से दायर किये गये मुकदमे का संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने महुआखेड़ागंज स्थित हिमालयन फूड पार्क स्थापना में खामियों को लेकर व तय नियमों की अनदेखी पर एनजीटी ने एक सप्ताह में जिलाधिकारी व पीसीबी को मामले में कार्यवाही रिपाेर्ट दाखिल करने के आदेश दिया गया है। दरअसल, महुआखेड़ागंज में स्थित हिमालयन फूड पार्क की स्थापना में खामियों को लेकर आर्य नगर निवासी समाजसेवी विजय कुमार मल्होत्रा ने उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी। जिसमें सामने आया कि उत्तराखण्ड प्रदूषण बोर्ड द्वारा जिन शर्तो को पूरा करने के साथ इस पार्क के संचालन की अनुमति दी गई थी, वह शर्ते पूरी नहीं की हैं।
मामले में इसके बाद विजय कुमार मल्होत्रा ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी एनजीटी कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता उदित बंसल के माध्यम से हिमालयन फूड पार्क को उत्तराखण्ड पर्यावरण नियंत्रण एवं प्रदूषण बोर्ड की शर्तो की अनदेखी करने पर याचिका दायर किया है। अधिवक्ता उदित बंसल की ऑनलाइन बहस के उपरांत चार जजो की बैंच ने 17 जुलाई को जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर व उत्तराखण्ड पर्यावरण बोर्ड को उक्त फूड पार्क के विरूद जांच एवं कार्यवाही करने का आदेश दिया है। आदेश में कोर्ट की तरफ से बताया गया है कि इस प्रोजेक्ट में ग्रीन बेल्ट के लिए कोई जगह नहीं दी गई है। मामले में अगले एक सप्ताह में कार्यवाही की रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट में पीसीबी और जिलाधिकारी को सौंपनी होगी।
