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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहाड़ को युवाओं को भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षित कर रहे बागेश्‍वर के नारायण

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Sat, 18 Jul 2020 01:19 PM (IST)

सेना से ऑननरी कैप्टन पद से सेवानिवृत्त होकर अब अपनी अकादमी शुरू करने के बाद भारतीय सेना के लिए जवान और अफसर तैयार कर रहे हैं।

पहाड़ को युवाओं को भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षित कर रहे बागेश्‍वर के नारायण
पहाड़ को युवाओं को भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षित कर रहे बागेश्‍वर के नारायण

बागेश्वर, जेएनएन :  मन में अगर जज्बा हो तो कोई भी राह मुश्किल नहीं होती। रास्‍ते खुद-ब-खुद बनते चले जाते हैं और कामयाबी कदम चुमती है। ऐसा ही कुछ कर रहे रुनीखेत के नारायण सिंह उंयूड़ी। सेना से ऑननरी कैप्टन पद से सेवानिवृत्त होकर अब अपनी अकादमी शुरू करने के बाद भारतीय सेना के लिए जवान और अफसर तैयार कर रहे हैं।

बागेश्‍वर जिले के रुनीखेत निवासी नारायण सिंह उंयूड़ी तीन साल पहले सेना से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद वह युवाओं को प्रशिक्षण देने में जुट गए। उंयूड़ी का कहना था कि वर्तमान समय में बदलती लाइफ स्टाइल का असर युवाओं दिखाई देने लगा है। यहां के युवा सेना की भर्ती तक में नहीं निकल रहे। इसके लिए तैयारी की जरूरत है। जब से हम प्रशिक्षण दे रहे हैं कई युवक भारतीय सेना में भर्ती भी हो चुके हैं। वह आज सेना के विभिन्न विंग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

40 युवा ले रहे प्रशिक्षण

वर्तमान में 40 युवक सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। हल्द्वानी, अल्‍मोड़ा जिले के सोमेश्वर, बागेश्‍वर जिले के कपकोट क्षेत्र के युवा यहां प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण सुबह 5 बजे से शुरू होकर 7 बजे तक चलता है। साथ ही लिखित परीक्षा भी ली जाती है। सप्‍ताह में प्रत्येक रविवार को फिजिकल प्रोग्रेस से देखा जाता है। सप्‍ताह में युवा ने खुद में कितना सुधार किया इसे देखा जाता है। कमियों वाले क्षेत्र में सुधार किया जाता है। पूर्व सैनिक नारायण सिंह ने कहा कि वह इसे जारी रखेंगे। युवाओं को अगर सेना में जाना है तो उसके लिए कठिन प्रशिक्षण अनुशासन की आवश्यकता होगी। अगर कोई युवा प्रशिक्षण लेना चाहता है तो वह संपर्क कर सकता है। खास बात यह है कि प्रशिक्षण निश्‍शुल्क दिया जा रहा है।

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