Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    महज दस हजार दस हजार रुपये खर्च कर अपना पहला चुनाव जीत गए थे एनडी तिवारी

    By Skand ShuklaEdited By:
    Updated: Wed, 27 Mar 2019 10:29 AM (IST)

    आज तो परिस्थितियां बहुत बदल गई हैं चुनाव की। पहले हुड़का बजाकर लोगों को एक स्थान पर एकत्र किया जाता था। प्रत्याशी घर-घर पैदल जाते थे और बुजुर्गों का हाथ अपने सिर पर रखवाते थे।

    महज दस हजार दस हजार रुपये खर्च कर अपना पहला चुनाव जीत गए थे एनडी तिवारी

    हल्द्वानी, जेएनएन : आज तो परिस्थितियां बहुत बदल गई हैं चुनाव की। पहले हुड़का बजाकर लोगों को एक स्थान पर एकत्र किया जाता था। प्रत्याशी घर-घर पैदल जाते थे और बुजुर्गों का हाथ अपने सिर पर रखवाते थे। ऐसा जमाना था कि नेता मतदाताओं को उनके नाम से पहचानता था। एनडी तिवारी अपना पहला विधानसभा चुनाव महज आठ से दस हजार रुपये खर्च करके जीत गए थे और उत्तर प्रदेश की प्रथम विधानसभा के सदस्य बने। आज युग बदल गया, परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। तब हमने पर्ची से वोट डाला और आज ईवीएम का बटन दबाते हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हल्द्वानी के लोहरियासाल तल्ला में रहने वाले और पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के चचेरे भाई 80 वर्षीय दुर्गा दत्त तिवारी को आजादी के बाद के वह तमाम किस्से याद हैं जो राजनीति से जुड़े हैं। इतनी उम्र होने के बावजूद भी वह वर्तमान में हो रही समसामयिक घटनाओं पर पैनी नजर रखते हैं। वह बताते है कि आजादी के बाद 1950 में उत्तर प्रदेश के गठन और 1951-52 में प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव में एनडी तिवारी ने नैनीताल से प्रजा समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। अपने पहले चुनाव में उन्होंने केवल दो गाडिय़ों का इस्तेमाल किया। वह भी कार्यकर्ताओं की थी। तब चाहे विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव। प्रचार के लिए ज्यादातर नेता कार्यकर्ताओं के साथ पैदल ही निकलते थे। गांव के गांव में सभाएं होती थी। यह तय हो जाता था कि पूरा गांव किसे वोट देगा। मतदान केंद्रों पर डिब्बे रखे रहते थे, जिन पर पार्टी का चुनाव निशान और प्रत्याशी का नाम लिखा होता था। पर्चियां मिलती थी, जिन्हें उसी तरह डाला जाता जैसे गुल्लक में रुपये डाले जाते हैं। दुर्गा दत्त वर्तमान में होने जा रहे लोकसभा चुनाव को लेकर उत्साहित हैं। साथ ही उनका मानना है कि मताधिकार हमारा संवैधानिक अधिकार है, इसलिए प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान में हिस्सा जरूर लेना चाहिए।

    यह भी पढ़ें : पीएम मोदी की रैली को लेकर खुफिया तंत्र सक्रिय, एसपीजी ने हेलीपैड व मैदान को कब्‍जे में लिया

    यह भी पढ़ें : बहन और पिता के भाजपा का प्रचार करने पर कांग्रेस प्रत्‍याशी मनीष खंडूड़ी ने दिया ये जवाब