Nainital Landslide: पहाड़ टूटने की तेज आवाज सुन मची सनसनी, किसी ने नाश्ता छोड़ा तो किसी ने दिखाई सतर्कता
नैनीताल के रानीबाग-भीमताल मार्ग पर नए पुल के पास मलबा गिरने से अफरा-तफरी मच गई। सुबह साढ़े सात बजे जोरदार आवाज के साथ मलबा गिरने से लोग दहशत में आ गए। मार्ग पर जाम लग गया और पुलिस ने यातायात को डायवर्ट किया। पुराने पुल से भारी वाहनों को भेजा गया जिससे खतरे की आशंका बनी। मलबा गिरने से दुकानदारों को भी नुकसान हुआ।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। रानीबाग-भीमताल मोटर मार्ग में बने नए पुल की एप्रोच रोड में मलबा गिरने से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मानें तो सुबह साढ़े सात बजे मलबा गिरने की इतनी तेज आवाज आई की। वह घर व दुकानों से निकलकर बाहर आ गए। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई।
लोग वाहन आगे पीछे करने लगे। एक आटो में शिक्षिकाएं बैठकर जा रहीं थी। जिसमें उनके सामने मलबा गिरने से चालक ने तुरंत आटो बैक किया। वहीं एक बाइक सवार तो कुछ ही क्षण में ही मलबा गिरने से पहले पार पहुंच गया।
जाम खुलवाने की लापरवाही में पुराने पुल से गुजार दिए बड़े वाहन
मलबा गिरने से रानीबाग-भीमताल मार्ग में पुल के पास बड़े वाहनों का भी जमावड़ा लग गया। जिसमें छोटे वाहनों के साथ ही बस व ट्रक भी शामिल थे। इस दौरान सड़क में जाम खुलवाने के लिए छोटे पुल से ही भारी वाहनों को भेज दिया गया।
हालांकि जाम खुलने के बाद बाहरी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी थी। सवाल उठता है कि 60 साल पुराने पुल में बिना किसी सुरक्षा के चलते बड़े वाहनों को क्यों वहां से निकाल दिया गया। ऐसे में बड़ा हादसा भी हो सकता था।
रानीबाग के स्थानीय लोगों का यह कहना
जैसे ही मलबा गिरने की तेज आवाज आई हम सब घर से बाहर निकलकर सड़क में आ गए। देखा तो पहाड़ का कुछ हिस्सा टूटकर पुल के पास गिर गया। बारिश आने के चलते सुबह से ही मलबा गिरने में लगा था। - संजय सिंह नयाल।
मलबा गिरने से सड़क में जाम की स्थिति हो गई। मौके पर पुलिस-प्रशासन की टीम ने पहुंचकर यातायात व्यवस्था ठीक की। कुछ घंटे जाम लगा रहा। नैनीताल रोड के मुख्य मार्ग से ही पुलिस ने वाहनों को डायवर्ट करना शुरू कर दिया था। - हरीश मेहरा।
मलबा गिरने की आवाज आई तो मैं नाश्ता कर रहा था। एक दम से नाश्ता छोड़कर घर से बाहर निकला। मैं मार्ग में ही भुट्टे की दुकान लगाता हूं। मार्ग बंद होने के चलते आज दुकान भी नहीं खोली है। - पंकज गुप्ता।
मलबा गिरने से पहले ही मैं अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने निकल गया था। वापस आया तब तक मलबा हलका गिर रहा था। मेरे निकलते ही मलबा पूरा गिर गया। अब मैं अपने बच्चे को स्कूल से लाने के लिए यहीं रुका हूं। - कन्नू तिवारी।
जब भी पहाड़ी से मलबा गिरता है। मैं हमेशा लोनिवि के इंजीनियरों को सूचित कर देता हूं। मेरी यहीं पर दुकान है। सूचना देने के कुछ देर बाद ही जेसीबी मशीन मलबा हटाने के लिए पहुंच गई थी। - पवन बिष्ट
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