एटीएम कंपनी की मास्टर फ्रेन्चाइजी ने फ्रेन्चाइजी लेने वाले से लाखों की धोखाधड़ी की nainital news
एटीएम लगाने वाली मुंबई की कंपनी के मास्टर फ्रेन्चाइजी समेत अन्य अधिकारियों द्वारा षड्यंत्र रचकर तीन लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।
काशीपुर, जेएनएन : एटीएम लगाने वाली मुंबई की कंपनी के मास्टर फ्रेन्चाइजी समेत अन्य अधिकारियों द्वारा षड्यंत्र रचकर तीन लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गड़बड़ी आरबीआइ की गाइडलाइन के अनुसार नगद जमा करने का झांसा देकर फ्रेंचाइजी से की गई है। पीडि़त ने अपर पुलिस अधीक्षक को तहरीर सौंपकर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। एएसपी के निर्देश पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए आरोपितों को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जबाव न आने पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
मैसेज आया मास्टर फ्रेन्चाइजी से साझा करनी होगी सभी जानकारी
काशीपुर के मोहल्ला रहमखानी निवासी आलोक कुमार अरोरा पुत्र स्व. धर्मेंद्र चंद्र ने तीस धोखाधड़ी मामले को लेकर दिसंबर 2019 को कोतवाली में दी तहरीर दी थी। उन्होंने पांच नवंबर 2018 को मुंबई की गोरेगांव की एक एटीएम लगाने वाली कंपनी का एटीएम काशीपुर के रोडवेज बस स्टैंड के सामने लगाया था। वह उक्त कंपनी के फ्रेन्चाइजी हैं। पीडि़त का कहना है कि 29 नवंबर को कंपनी का मैसेज आया कि आरबीआइ की गाइडलाइन के अनुसार अब आपको कंपनी की सभी जानकारी कंपनी के मास्टर फ्रेन्चाइजी से साझा करनी होंगी। अब मास्टर फ्रेन्चाइजी ही सभी फ्रेन्चाइजी को नए नियम से अवगत कराएंगे।
मास्टर फ्रेंचाइजी की मिली भगत से हड़पी गई रकम
मैसेज में दिए गए मोबाइल नंबर से विस्तृत जानकारी लेने को भी कहा गया था। पीडि़त का कहना है कि उन्होंने 29 नवंबर की रात करीब आठ बजे आरबीआइ की नई गाइडलाइन जानने के लिए मैसेज में दिए गए नंबर पर फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। 30 नवंबर को कंपनी के मास्टर फ्रेन्चाइजी रेवाड़ी, हरियाणा निवासी युवक उनके काशीपुर के ऑफिस में मिला। आरोप है कि कंपनी के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के चलते मास्टर फ्रेन्चाइजी ने आरबीआइ की गाइडलाइन का झांसा देकर उससे तीन लाख रुपये ठग लिए। आरोपित ने उन्हें बताया था कि 48 घंटे के बाद यह रुपये लोडिंग लिमिट बढ़कर उनके खाते में आ जाएंगे।
मास्टर फ्रेन्चाइजी व कंपनी के अधिकारी नहीं उठा रहे फोन
उनके खाते में रुपये नहीं आए तो उन्होंने चार दिसंबर को एटीएम लगाने वाली कंपनी के नेशनल हेड से फोन पर बात की। उनको मेल भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। पीडि़त का आरोप है कि तीन लाख रुपये मांगने पर मास्टर फ्रेन्चाइजी व कंपनी के आला अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। इसके बाद पीडि़त एक सप्ताह पूर्व काशीपुर आए डीआइजी जेआर जोशी से मिला और ठगी के बारे में बताया। 16 जनवरी को पीडि़त ने अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भट्ट से भेंटकर घटना के बावत तहरीर सौंपी थी। पुलिस ने इस मामले मेंं आरोपितों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
कंपनी को भेजा गया है नोटिस
राजेश भट्ट, अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुंबई की एटीएम लगाने वाली कंपनी के अधिकारियों द्वारा पड्यंत्र रचकर आरबीआइ की गाइडलाइन के अनुसार नगद जमा करने का झांसा देकर काशीपुर निवासी फ्रेंचाइजी से तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने शिकंजा कसते हुए आरोपितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समयावधि में नोटिस का जबाव न आने पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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