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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देर रात जारी हुआ पानी की कटौती का फरमान, सु‍बह मचा घमासान

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Tue, 06 Nov 2018 12:28 PM (IST)Updated: Wed, 07 Nov 2018 07:55 PM (IST)

नैनी झील से रोज एक इंच जलस्तर कम होने को देखते हुए जिला प्रशासन ने पेयजल सप्लाई में कटौती का ...और पढ़ें

देर रात जारी हुआ पानी की कटौती का फरमान, सु‍बह मचा घमासान
देर रात जारी हुआ पानी की कटौती का फरमान, सु‍बह मचा घमासान

 

नैनीताल (जेएनएन) : नैनी झील से रोज एक इंच जलस्तर कम होने को देखते हुए जिला प्रशासन ने पेयजल सप्लाई में कटौती का फैसला लिया है। अब तक 16 लाख लीटर प्रतिदिन पानी की सप्लाई की जा रही थी, जिसे घटाकर आठ एमएलडी किया गया है। सोमवार रात जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन की ओर से विज्ञप्ति जारी की गई।

डीएम ने बताया कि झील का जलस्तर  सामान्य बना रहे, इसके लिए विशेषज्ञों से सुझाव लिए गए। उन्होंने शिमला का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले साल वहाँ पानी की कमी के कारण होटल संचालकों को पर्यटकों को ना आने की अपील करनी पड़ी। यह स्थिति ना आए , इसलिए एतिहातन कदम उठाए जा रहे हैं। बकौल डीएम पेयजल संबंधित समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान द्वारा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं। साथ ही यदि लाइन में लीकेज आदि की शिकायत का संज्ञान नहीं लिया गया तो जल संस्थान के अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।

पानी को लेकर शहर में मचा हाहाकार : शहर के तल्लीताल समेत अन्य मोहल्लों में पेयजल किल्लत से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने हल्द्वानी रोड पर खाली बर्तन के साथ प्रदर्शन किया। साथ ही जल जल संस्थान व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उपभोक्ताओं का कहना था पिछले कई दिनों से तल्लीताल हरिनगर, काठबंस व आसपास के सैकड़ों घरों  में पानी की बूंद नहीं टपक रही। जिससे उनकी दिनचर्या बिगड़ गई है। जिला प्रशासन झील संरक्षण के बहाने उपभोक्ताओं के सब्र का इम्तिहान ले रहा है। चेताया कि यदि पेयजलापूर्ति नहीं हुई तो राजमार्ग जाम कर दिया जायेगा।

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